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नारदा स्टिंग केस: गिरफ्तार टीएमसी के नेताओं को नहीं मिली जमानत, कोर्ट के आदेश पर रहेंगे नजरबंद

नारदा स्टिंग केस में कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट के दो मंत्री फिरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी तथा दो पूर्व मंत्री सोवन चटर्जी को नरजबंद रखा जायेगा। वहीं, इनकी जमानत याचिका पर कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच फैसला देगी। कोर्ट ने यह आदेश मामले की सुनवाई कर रहे दो जजों की पीठ के विचारों में भेद के बाद ​दिया है।

By शिव मौर्या 
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कोलकाता। नारदा स्टिंग केस में कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट के दो मंत्री फिरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी तथा दो पूर्व मंत्री सोवन चटर्जी को नरजबंद रखा जायेगा। वहीं, इनकी जमानत याचिका पर कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच फैसला देगी। कोर्ट ने यह आदेश मामले की सुनवाई कर रहे दो जजों की पीठ के विचारों में भेद के बाद ​दिया है।

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जहां, एक ओर कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यकारी चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने नेताओं को नजरबंद रखे जाने का आदेश दिया तो वहीं जस्टिस अरिजीत बनर्जी ने चारों को जमानत दिए जाने का आदेश दिया। जस्टिस बनर्जी ने कहा, ‘पीठ के एक सदस्य को लगा कि बेल दे दी जानी चाहिए लेकिन दूसरा इसपर सहमत नहीं था। इसलिए जमानत को लेकर बड़ी बेंच फैसला करेगी।

इस बीच, महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नेताओं को नजरबंद रखे जाने के लिए मंजूरी दी जाती है।’ सीबीआई की ओर से कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अपने आदेश पर स्टे लगाने को कहा। वहीं, टीएमसी नेताओं के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि नजरबंद रखा जाना भी गिरफ्तारी से कम नहीं है। उन्हें रिहा कर दिया जाना चाहिए।

 

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