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Ram Mandir Donation Scam : ‘SIT की कार्रवाई सिर्फ़ दिखावा…’ कांग्रेस सांसद KC वेणुगोपाल ने की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

By Abhimanyu 
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Ram Mandir Donation Scam : अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर विपक्ष, केंद्र और यूपी की सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। इस मामले में जांच के लिए राज्य की योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था, जो जल्द ही अपनी जांच पूरी कर लेगी। लेकिन, विपक्षी दलों के नेताओं ने एसआईटी पर सवाल उठाने शुरू कर दिया है। इस बीच, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता केसी वेणु गोपाल का कहना है कि राम मंदिर चंदा चोरी विवाद की जांच के लिए बनाई गयी एसआईटी की अब तक की कार्रवाई सिर्फ दिखावा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर को बड़े नामों को बचाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने गुरुवार को एक्स पोस्ट में लिखा, “अयोध्या राम मंदिर में हुए बड़े पैमाने पर चंदे की चोरी ने देश को हिलाकर रख दिया है। करोड़ों मासूम भक्तों ने भगवान राम के नाम पर अपनी मेहनत की कमाई दान की थी। जिन्हें ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहा जाता है, उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया और हिंदू आस्था के रक्षक होने का दावा करने वालों ने ही उनकी छवि को धूमिल किया है।”

केसी वेणु गोपाल ने आगे कहा, “अयोध्या राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, सरकारी ज़मीन पर और भारत सरकार द्वारा बनाए गए एक पब्लिक ट्रस्ट के ज़रिए किया गया था। मंदिर के प्रशासन में जो कुछ भी होता है, उसकी पूरी ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की है। चोरी के बारे में अलग-अलग जगहों से कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उन्हें बार-बार नज़रअंदाज़ किया गया और जब करोड़ों रुपयों की लूट हो रही थी, तो ज़िम्मेदार लोगों ने जान-बूझकर दूसरी तरफ़ देखा।”

एसआईटी की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “अब तक हमने SIT की जो कार्रवाई देखी है, वह भी सिर्फ़ दिखावा है; इसे साफ़ तौर पर ‘बड़े लोगों’ को बचाने के लिए ही बनाया गया है। यह आम लूट से कहीं ज़्यादा गंभीर मामला है; यह उस तरीके पर चोट करता है जिससे आस्था को भ्रष्ट किया जाता है – पहले राजनीतिक फ़ायदे के लिए और फिर पैसे कमाने के लिए।” उन्होंने आगे लिखा, “मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि चंदे की चोरी के इस बड़े घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तुरंत जांच कराई जाए।”

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