सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को नीट परीक्षा (NEET Exam) में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की है। इस दौरान कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से कई तीखे सवाल किए।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को नीट परीक्षा (NEET Exam) में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की है। इस दौरान कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से कई तीखे सवाल किए।
कोर्ट ने कहा कि अगर नीट परीक्षा (NEET Exam) में 0.001 फीसदी भी लापरवाही हुई है तो उससे निपटा जाना चाहिए। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एनटीए (NTA) और केंद्र सरकार (Center Government) को नोटिस जारी किया और इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है।
बता दें कि नीट परीक्षा (NEET Exam) को रद्द करने की मांग को लेकर शिक्षाविद नितिन विजय समेत अन्य याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने कहा कि अगर 0.01% भी किसी की खामी पाई गई तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे। हम परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्रों की मेहनत को समझते हैं।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एनटीए (NTA) से कहा कि वो छात्रों की शिकायत को नजरअंदाज न करें। अगर एग्जाम में वाकई कोई गलती हुई है तो उसे समय रहते सुधारा जाए। इसके बाद अदालत ने दोनों याचिकाओं को पिछली याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। याचिकाओं में नीट परीक्षा रद्द करने की मांग की गई है।
वहीं, याचिकाकर्ता नितिन विजय ने अपनी याचिका में कहा कि 20 हज़ार छात्रों ने नीट एक्जाम (NEET Exam) में गड़बड़ी को लेकर चलाए जा रहे डिजिटल सत्याग्रह के तहत अपनी शिकायत दी है। याचिका में पेपर लीक और गड़बड़ी का हवाला देते हुए पूरी परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा किये जाने की मांग की गई। अब इस मामले की सुनवाई 8 जुलाई को होगी।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि परीक्षा में धांधली हुई है, इसलिए परीक्षा की जांच हो। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एनटीए (NTA) को नोटिस जारी करके 8 जुलाई तक जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आगे कहा कि बच्चों की मेहनत को भूल नहीं सकते। वहीं, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक तौर पर एनटीए को कहा कि कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है, वह समाज के लिए ज्यादा हानिकारक होगा। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि है इस मामले पर अगली सुनवाई अब 8 जुलाई को होगी।