ये बसें प्रदेश में शहर से लेकर गांव तक पीपीपी मॉडल पर चलाई जाएंगी। सरकार बस खरीदने की जगह बस ऑपरेटर्स को इंगेज करके बसों का संचालन करेगी। इसके लिए एक होल्डिंग कंपनी बनाई जाएगी, वही बसों का संचालन और उसका नियंत्रण करेगी। कंपनी के गठन के लिए 101.20 करोड़