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गरीबों को दिवाली तक मिलेगा मुफ्त अनाज, जानें पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की कुछ बड़ी बातें

कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए सोमवार को गरीबों के लिए बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के बीच गरीबों को पहले भी मुफ्त राशन मिलता रहा है। अब केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि इस साल दिवाली तक यानी नवंबर महीने तक गरीबों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन मिलता रहेगा।

By संतोष सिंह 
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The Poor Will Get Free Food Grains Till Diwali Know Some Big Things About Pm Modis Address To The Nation

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए सोमवार को गरीबों के लिए बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के बीच गरीबों को पहले भी मुफ्त राशन मिलता रहा है। अब केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि इस साल दिवाली तक यानी नवंबर महीने तक गरीबों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन मिलता रहेगा।

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1. देश में कम होते कोरोना के मामलों के बीच पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र के सामने अलग-अलग सुझाव भी आने लगे हैं। पूछा जाने लगा, सब कुछ केंद्र सरकार ही क्यों तय कर रही है? राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही? राज्य सरकारों को लॉकडाउन की छूट क्यों नहीं मिल रही? One Size Does Not Fit All जैसी बातें भी कही गईं।

2. पीएम ने कहा कि इस साल 16 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल महीने के अंत तक, भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम मुख्यत: केंद्र सरकार की देखरेख में ही चला। सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने के मार्ग पर देश आगे बढ़ रहा था। देश के नागरिक भी, अनुशासन का पालन करते हुए, अपनी बारी आने पर वैक्सीन लगवा रहे थे। इस बीच, कई राज्य सरकारों ने फिर कहा कि वैक्सीन का काम डी-सेंट्रलाइज किया जाए और राज्यों पर छोड़ दिया जाए। मोदी ने कहा कि तरह-तरह के स्वर उठे। जैसे कि वैक्सीनेशन के लिए Age Group क्यों बनाए गए? दूसरी तरफ किसी ने कहा कि उम्र की सीमा आखिर केंद्र सरकार ही क्यों तय करे? कुछ आवाजें तो ऐसी भी उठीं कि बुजुर्गों का वैक्सीनेशन पहले क्यों हो रहा है? भांति-भांति के दबाव भी बनाए गए, देश के मीडिया के एक वर्ग ने इसे कैंपेन के रूप में भी चलाया।

3. पीएम ने कहा कि 21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, केंद्र सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी। आज ये निर्णय़ लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 प्रतिशत काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी। इन दो सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी।

4. मोदी ने कहा कि अब राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। उन्होंने कहा कि अब तक देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिली है। अब 18 वर्ष की आयु के लोग भी इसमें जुड़ जाएंगे। सभी देशवासियों के लिए भारत सरकार ही मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी।

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5. पीएम मोदी ने कहा कि देश में बन रही वैक्सीन में से 25 प्रतिशत, प्राइवेट सेक्टर के अस्पताल सीधे ले पाएं, ये व्यवस्था जारी रहेगी। प्राइवेट अस्पताल, वैक्सीन की निर्धारित कीमत के उपरांत एक डोज पर अधिकतम 150 रुपए ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे। इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के ही पास रहेगा।

6. पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग भी वैक्सीन को लेकर आशंका पैदा कर रहे हैं, अफवाहें फैला रहे हैं, वह भोले-भाले भाई-बहनों के जीवन के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसी अफवाहों से सतर्क रहने की जरूरत है।

7. उन्होंने कहा कि आज सरकार ने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अब दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसका साथी बनकर खड़ी है। यानि नवंबर तक 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को, हर महीने तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा।

8. पीएम ने कहा कि बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है। इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी। इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी। इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे।

9. पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं। कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता? आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे। विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था। 2014 में जब देशवासियों ने हमें सेवा का अवसर दिया तो भारत में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 60 प्रतिशत के आसपास था। हमारी दृष्टि में ये चिंता की बात थी। पीएम मोदी ने कहा कि जिस रफ्तार से भारत का टीकाकरण चल रहा था, उस हिसाब से देश को शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य हासिल करने में करीब 40 साल लग जाते। हमने इस समस्या के समाधान के लिए मिशन इंद्रधनुष को शुरु किया।

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10. पीएम मोदी ने कहा कि देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। पिछले काफी समय से देश लगातार जो प्रयास और परिश्रम कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है। आज देश में 7 कंपनियां, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन का उत्पादन कर रही हैं। तीन और वैक्सीन का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है। वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विदेशी कंपनियों से वैक्सीन खरीदने में तेजी लाई गई है। बच्चों के लिए वैक्सीन का भी ट्रायल चल रहा है। नेजल वैक्सीन पर भी ट्रायल चल रहा है। देश को अगर सफलता मिलती है तो इससे टीकाकरण में और तेजी आएगी। इतने कम समय में वैक्सीन बनाना पूरी मानवता के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसकी सीमाएं हैं।

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