वॉशिंगटन/अम्मान। भारतीय मूल की अमेरिकी सार्जेंट ‘एंजेला रामप्रसाद’ के मारे जाने की आशंका जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए भीषण ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद गहरा गई है। शुरुआत में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने उन्हें लापता घोषित किया था, लेकिन अब सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि उनके जीवित बचने की संभावना काफी कम लग रही है।
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सार्जेंट एंजेला रामप्रसाद न्यू यॉर्क शहर के ओजोन पार्क की निवासी थीं। वह भारतीय मूल के गुयानी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और उनके पिता ‘बासदेव रामप्रसाद’ इलाके के एक जाने-माने स्थानीय लोकतांत्रिक नेता हैं। आपको बता दें कि एंजेला जर्मनी के एन्सबाख में स्थित 10वीं आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड में तैनात थीं और वर्तमान में जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। वहीं इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान को विनाशकारी अंजाम तक पहुंचाने की चेतावनी दी है। आपको बता दें कि ईरान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद से ही वह लापता हैं। यदि उनकी मृत्यु की पुष्टि होती है, तो वह इस सैन्य ठिकाने पर जान गंवाने वाली चौथी अमेरिकी सैनिक होंगी।
इस हमले के बाद हुए नुकसान पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को सीधे शब्दों में ललकारते हुए लिखा है कि “ईरान को इस हमले की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। हर बार जब ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की जान लेगा, तो उसे उस हत्या के लिए कई गुना ज्यादा कीमत चुकानी होगी।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों पर हुए हमलों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने इस संबंध में अमेरिकी रक्षा सचिव ‘पीट हेगसेथ’ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल ‘डैनियल केन’ सहित शीर्ष सैन्य कमांडरों को ईरान के खिलाफ निर्णायक और सख्त सैन्य कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
युद्ध की कगार पर अमेरिका और ईरान
यह हमला दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुए शांति समझौते (Memorandum of Understanding) के पूरी तरह खत्म होने के बाद हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (United States Central Command) ने इस हमले का जवाब देते हुए ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड, ड्रोन ठिकानों, कमांड सेंटरों और सैन्य बुनियादी ढांचों पर भारी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति ‘मसूद पेज़ेशकियन’ ने भी तेहरान में बयान जारी कर स्वीकार किया है कि ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ इस समय अमेरिका के साथ एक पूर्ण पैमाने के युद्ध (Full-scale war) की स्थिति में आ चुका है। पश्चिम एशिया में तनाव इस समय अपने चरम पर है और दोनों ओर से बड़े सैन्य टकराव की आशंका मंडराती हुई नजर आ रही है।