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Vishwajeet More : भारतीय पहलवान विश्वजीत मोरे  विश्वजीत मोरे ने रच दिया इतिहास ,ग्रीको रोमन में सिल्वर जीतने वाले बने पहले 

By अनूप कुमार 
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Vishwajeet More :   “क्या आपने कभी सोचा है कि जब किस्मत रास्ते बंद कर दे, तो इतिहास कैसे लिखा जाता है? आज कहानी एक ऐसे जांबाज की, जिसने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया। मिलिए भारतीय सेना के हवलदार और देश के गौरव विश्वजीत रामचंद्र मोरे से! जिन्होंने लास वेगास में चल रही अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में वो कर दिखाया जो आज तक कोई भारतीय नहीं कर पाया था!

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“कोल्हापुर के सरवड़े गांव के रहने वाले विश्वजीत के पिता रामचंद्र मोरे खेतों में सब्जियां उगाकर और उसे बेचकर परिवार पालते हैं। सुविधाओं की कमी थी, जेब में पैसे कम थे, लेकिन विश्वजीत की आंखों में एक ही सपना था—देश के लिए मेडल जीतना। भारतीय सेना में हवलदार के रूप में देश की सेवा कर रहे इस वीर मल्ल ने अखाड़े की मिट्टी से निकलकर सीधे इंटरनेशनल मैट का रुख किया।”

“इस सफर की शुरुआत आसान नहीं थी। जहाँ एक तरफ भारत के 9 पहलवानों को अमेरिकी वीज़ा न मिलने के कारण इस बड़े टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा, देश की उम्मीदों को झटका लगा, वहीं अकेले विश्वजीत मोरे हर मुश्किल से लड़ते हुए अमेरिका पहुंचे। इरादे साफ थे—मैट पर सिर्फ खुद के लिए नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान के लिए लड़ना है!”

“55 किलोग्राम ग्रीको-रोमन कैटगरी में जब विश्वजीत उतरे, तो उन्होंने दुनिया को हैरान कर दिया। क्वार्टर फाइनल में ईरान के अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन आर्मिन शम्सीपुर को 8-1 से धूल चटाकर विश्वजीत पूरी दुनिया के लिए ‘जायंट किलर’ बन गए! सेमीफाइनल में रूसी पहलवान को मात देकर वो सीधे फाइनल में पहुंचे—चैंपियनशिप के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान!”

“फाइनल में मुकाबला जॉर्जिया के कोबा कारुमिद्जे से था। आखिरी सेकंड तक चली इस सांसें थाम देने वाली जंग में मुकाबला 12-13 के बेहद करीबी अंतर पर रुका। भले ही वो मामूली अंतर से गोल्ड से चूक गए, लेकिन उन्होंने रजत पदक जीतकर वो इतिहास रच दिया, जिसकी गूंज सालों तक सुनाई देगी!”

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“लगातार तीन बार (2024, 2025 और अब 2026) इस चैंपियनशिप में मेडल का हैट्रिक लगाने वाले विश्वजीत आज देश के लाखों युवाओं के लिए जोश और प्रेरणा का दूसरा नाम हैं! “विश्वजीत मोरे की यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, अगर आपके हौसलों में दम है, तो आप इतिहास बदल सकते हैं। देश के इस वीर को हमारा सलाम!

 

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