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Aja Ekadashi 2022:  दिन भगवान विष्णु के ऋषिकेश स्वरूप की पूजा की जाती है, जानिए व्रत और पूजा विधि

व्रत त्योहारों की कड़ी में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान विष्णु और माता लछमी पूजा की विशेष पूजा के लिए एकादशी के व्रत का पालन किया जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Aja Ekadashi 2022 : व्रत त्योहारों की कड़ी में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान विष्णु और माता लछमी पूजा की विशेष पूजा के लिए एकादशी के व्रत का पालन किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार , एकादशी के व्रत का पालन करने वाले  उपासक को भगवान नारायण की कृपा से मोछ की प्राप्ति होती है। एकादशी व्रत श्रंखला में  अजा एकादशी का विशेष महात्म है। यह व्रत भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन पड़ती है। आइये जानते अजा एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

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अजा एकादशी व्रत मंगलवार 23 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधिनुसार व्रत रखनेए पूजा करने से परमपद की प्राप्ति और वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस दिन भगवान विष्णु के ऋषिकेश स्वरूप की पूजा की जाती है।

1.अब भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाकर  फलों तथा फूलों से भक्तिपूर्वक पूजा करें।
2.पूजा के बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
3.दिन में निराहार एवं निर्जल व्रत का पालन करें।
4.इस व्रत में रात्रि जागरण करें।
5.द्वादशी तिथि के दिन प्रातः ब्राह्मण को भोजन कराएं व दान,दक्षिणा दें।

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