समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बीते मंगलवार को यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही (IAS officer Rinku Singh Rahi) के तरफ से काम और पोस्टिंग न मिलने से असंतुष्ट होकर इस्तीफा देने की खबर को यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) पर बड़ा हमला बोला है।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बीते मंगलवार को यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही (IAS officer Rinku Singh Rahi) के तरफ से काम और पोस्टिंग न मिलने से असंतुष्ट होकर इस्तीफा देने की खबर को यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुशल अधिकारियों की भाजपा सरकार में कोई अहमियत नहीं है। भाजपा में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5 फीसदी का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं।
कुशल अधिकारियों की भाजपा सरकार में कोई अहमियत नहीं है। भाजपा में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5% का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं।
हर अच्छे अधिकारी से हमारी माँग है कि भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं। पीडीए… pic.twitter.com/TgQn75LwtI
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 1, 2026
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि हर अच्छे अधिकारी से हमारी मांग है कि भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान व असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी। क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती है। अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा क़द्र की है और आगे भी करेंगे।
पीड़ित अधिकारी हो या कर्मचारी सभी भाजपा को हटाने के लिए पीडीए के साथ हैं। ‘पीड़ा’ बढ़ रही है, इसीलिए ‘पीडीए’ बढ़ रहा है क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’। बता दें कि यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही (IAS officer Rinku Singh Rahi) काम और पोस्टिंग न मिलने से असंतुष्ट होकर इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समानांतर व्यवस्था के कारण वे अपनी भूमिका नहीं निभा पा रहे थे और जनसेवा का मौका नहीं मिल रहा था। इससे पहले एसडीएम रहते पुवायां तहसील में सफाई को लेकर उनके सख्त कदम और खुद उठक-बैठक करने का मामला भी चर्चा में रहा था।