दिल्ली में एक महिला की ओर से ACP भगत पर लगाए गए छेड़खानी के आरोप को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोप लगाने वाली महिला ने कथित तौर पर खुद को पत्रकार बताया था। ACP के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे थे। साथ ही पुलिस ने इसे एक कथित तौर पर साजिश बताया है।
नई दिल्ली। एक महिला की ओर से ACP भगत पर लगाए गए छेड़खानी के आरोप को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोप लगाने वाली महिला ने कथित तौर पर खुद को पत्रकार बताया था। ACP के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे थे। साथ ही पुलिस ने इसे एक कथित तौर पर साजिश बताया है।
पुलिस के मुताबिक, ACP भगत पर महिला ने छेड़खानी और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। इस शिकायत के सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने महिला के दावों, घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की अच्छी तरह से पड़ताल की। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि जांच के दौरान महिला के पत्रकार होने से जुड़े दावे भी जांच के दायरे में आए। पुलिस के मुताबिक, उस महिला ने जो भी अपनी पहचान और जानकारी दी थी, उन सभी दावों में कथित तौर पर कई विसंगतियां मिलीं। इसके बाद पुलिस ने इस पूरे मामले को एक कथित सुनियोजित साजिश के रूप में जांचना शुरू किया।
इसके अलावा पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की भी जांच हुई। जांच के आधार पर अधिकारियों ने दावा किया कि ACP भगत के खिलाफ लगाया गया छेड़खानी का आरोप गलत पाया गया।
दिल्ली पुलिस ने किया साजिश का दावा
पुलिस के अनुसार, यह मामला केवल एक झूठी शिकायत के साथ — साथ इसके पीछे ACP को बदनाम करने और दबाव बनाने की कथित साजिश भी हो सकती है। हालांकि, इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और इन आरोपों की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। बता दें कि दिल्ली पुलिस की ओर से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई हो रही है। वहीं, ACP भगत पर आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ भी पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस के दावों और जांच के निष्कर्षों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस मामले की अंतिम कानूनी स्थिति अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।