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BMC Mayor Election : मेयर पद को लेकर बढ़ा सस्पेंस, शिंदे सेना ढ़ाई-ढ़ाई साल के फार्मूले पर अड़ी, अपने पार्षदों को होटल में ठहराया

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (BMC ) चुनाव के बाद मुंबई में मेयर पद को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ रहा है। चुनाव नतीजों के बाद एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की शिवसेना ने ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर भाजपा से मेयर पद की मांग की है। एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की शिवसेना ने अपने पार्षदों को होटल में ठहरा दिया है।

By संतोष सिंह 
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मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (BMC ) चुनाव के बाद मुंबई में मेयर पद को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ रहा है। चुनाव नतीजों के बाद एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की शिवसेना ने ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर भाजपा से मेयर पद की मांग की है। एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की शिवसेना ने अपने पार्षदों को होटल में ठहरा दिया है।

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हालांकि सीएम देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने किसी विवाद से इनकार किया है, लेकिन घटनाक्रम को लेकर शिवसेना यूबीटी सक्रिय हो गई है और पहले उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने ये कहकर हलचल बढ़ाई कि भगवान ने चाहा तो शिवसेना यूबीटी का ही मेयर बनेगा। तो अब संजय राउत ने कह दिया है कि शिवसेना के कई पार्षद भाजपा का मेयर नहीं चाहते और कई लोग उनके संपर्क में हैं।

संजय राउत बोले- कौन चाहता है मुंबई में भाजपा का मेयर बने? खुद एकनाथ शिंदे भी ऐसा नहीं चाहते

मीडिया से बात करते हुए संजय राउत (Sanjay Raut)  ने कहा कि एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के पार्षदों को इस तरह से होटल में बंदी बनाकर रखना कानून व्यवस्था का सवाल है। उन पार्षदों को डर है कि उनका अपहरण किया जा सकता है, उन्हें तोड़ा जा सकता है। ऐसे में शिंदे ने उन्हें ताज होटल में बंद कर दिया है और वहां पुलिस का कड़ा पहरा है। ये बहुत चिंताजनक बात है और ये पार्षदों के अधिकारों का हनन है।

शिंदे को 29 या 25 जो भी हैं, पार्षदों को तुरंत रिहा करना चाहिए। शिवसेना यूबीटी (Shiv Sena UBT) नेता ने कहा कि हमें और हमारे दोस्तों को ताज होटल जाना है, लेकिन हम वहां जाएंगे और वहां गड़बड़ हो जाएगी, लेकिन फिर भी हम वहां जाएंगे। संजय राउत (Sanjay Raut)  ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के गुट के कई पार्षद हमारे संपर्क में हैं। कौन चाहता है कि मुंबई में भाजपा का मेयर बने? खुद एकनाथ शिंदे भी ऐसा नहीं चाहते।

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मुंबई में मेयर के सस्पेंस और कथित होटल पॉलिटिक्स बीच शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut)  ने एक ऐसा बयान दिया है जो चर्चा में है। सांसद संजय राउत ने कहा कि वे ताज लैंड्स एंड होटल में खाना खाने जा रहे हैं और इस पर किसी को बेवजह शक नहीं करना चाहिए। उनका ये बयान चर्चा में इसलिए हैं क्योंकि इसी होटल में शिवसेना शिंदे गुट के जीते हुए पार्षदों को ठहराया गया है।

वहीं संजय राउत (Sanjay Raut)  ने कहा कि एकनाथ शिंदे किस पद के लिए अड़े हैं, यह उनके दल का मामला है। उनका दल बीजेपी का अंगवस्त्र है, अमित शाह उनके प्रमुख हैं। वे उनके पास जाकर मांग करेंगे, लेकिन मेरी जानकारी के अनुसार देवेंद्र फडणवीस उनकी बात नहीं सुनेंगे। उन्होंने अपने नगरसेवकों को बंद करके रखा है, उन्होंने विधायकों को तोड़ा, इसलिए अब नगरसेवकों को भी कैद कर रखना पड़ रहा है। पहले वे विधायकों को सूरत ले गए थे।

संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि एकनाथ शिंदे खुद उपमुख्यमंत्री हैं, फिर भी उन्हें डर है कि उनके नगरसेवक भगा लिए जाएंगे। यह कितनी बड़ी हास्यपद है। बीजेपी का महापौर नहीं होने देने का सबने तय किया है, देखते हैं आगे क्या होता है? जो नगरसेवक हैं, उनमें कई नए चेहरे हैं। वे शिवसैनिक हैं और नहीं चाहते कि बीजेपी का महापौर बने। चाहे उन्हें कितना भी कैद किया जाए, आज संचार के कई साधन हैं, संदेश कहीं भी पहुंच सकता है। अगर भगवान की इच्छा हुई, तो शिवसेना का महापौर बन सकता है।

शिवसेना (UBT) सांसद ने कहा कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है, हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को फोन किया है। एक ऐतिहासिक सच्चाई है, बहुमत चाहे जितना हो, वह चंचल होता है, इधर-उधर जा सकता है। अगर महायुति का ही महापौर बनने वाला होता, तो क्या नगरसेवकों को कैद कर रखना पड़ता? इसका जवाब देवाभाऊ दें। संजय राउत ने कहा कि महापौर शिवसेना का होना चाहिए, डुप्लीकेट शिवसेना का नहीं वह अमित शाह की सेना है।

वहीं सीएम के दावोस दौरे पर संजय राउत ने कहा कि वे वहां जाते हैं, लेकिन निवेश आता नहीं। निवेश चुनावों के समय ही दिखता है, क्या फडणवीस को यह मंजूर होगा कि अमित शाह की पार्टी का महापौर बने?

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बालासाहेब की जन्मशताब्दी पर शिवसेना का महापौर चाहिए और होगा, हम देखेंगे लेकिन शिंदे ने मुंबई बीजेपी को सौंप दी। 29 नगरसेवकों को कोंडना मराठी अस्मिता का कोंडमारा है। एकनाथ शिंदे को छोड़कर इससे किसी को फर्क नहीं पड़ेगा। राज साहेब को कम सीटें मिलीं, इसका दुख सबको है. हमने कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से सफलता नहीं मिली. राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की भूमिका थी कि मराठी लोग एकजुट हों। शिवसेना की 65 और उनकी 6 सब अपनी ही हैं। हमें अपने नगरसेवकों को छिपाने की जरूरत नहीं पड़ी।

वहीं कांग्रेस से मतविभाजन पर संजय राउत ने साफ किया कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और स्वतंत्र फैसले लेती है। इसका फायदा बीजेपी को हुआ, लेकिन आगे कांग्रेस हमारे साथ रहेगी। उन्हें बधाई उन्हें सीटें मिली हैं और मुंबई में उनकी ताकत है।
उनकी सीटें हमारे साथ हैं, बीजेपी के खिलाफ लड़ाई के लिए।

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