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योगी के मंत्री ने दिया जवाब- अंग्रेजी भाषा किसी पर भी थोपी नहीं जा रही है, सदन का कार्य हिंदी भाषा में ही होगा

यूपी विधानसभा की कार्यवाही में अवधी, ब्रज, बुंदेली और भोजपुरी के साथ अंग्रेजी भाषा को शामिल करने का विरोध करने पर यूपी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना (Minister Suresh Khanna) ने बुधवार को सदन में जवाब दिया है। उन्होंने कि हम अंग्रेजी भाषा को किसी पर थोपना नहीं चाहते हैं और न ही हम हिंदी भाषा को कमजोर कर रहे हैं।

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। यूपी विधानसभा की कार्यवाही में अवधी, ब्रज, बुंदेली और भोजपुरी के साथ अंग्रेजी भाषा को शामिल करने का विरोध करने पर यूपी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना (Minister Suresh Khanna) ने बुधवार को सदन में जवाब दिया है। उन्होंने कि हम अंग्रेजी भाषा को किसी पर थोपना नहीं चाहते हैं और न ही हम हिंदी भाषा को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का स्पष्ट मत है कि प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में ही दी जाए। अंग्रेजी के महत्व को देखते हुए हम सदस्यों को सुविधा दे रहे हैं। अंग्रेजी भाषा किसी पर भी थोपी नहीं जा रही है। सदन का कार्य हिंदी भाषा में ही होगा। सदस्यगण अवधी, ब्रज, बुंदेली और भोजपुरी में अपना संबोधन कर सकते हैं।

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ममता बनर्जी के महाकुंभ को मृत्युकुंभ बताए जाने पर कहा कि जिनको जानकारी नहीं होती वो इस तरह की भाषा का करते हैं प्रयोग 

सत्र की कार्यवाही प्रारंभ होने से पहले यूपी के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना (Finance Minister Suresh Khanna) ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी का बजट जन कल्याणकारी होगा। जनभावनाओं के अनुरूप होगा। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का ध्यान रखा जाएगा। ढांचागत विकास का विशेष रूप से ध्यान रखा जाएगा। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) के महाकुंभ को मृत्युकुंभ बताए जाने पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जानकारी नहीं होती है वो इस तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं।

विपक्ष ने बिजली का निजीकरण रोकने की मांग, ऊर्जा मंत्री बोले- कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेंगे

इसके पहले, सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने पर विपक्ष ने विधान परिषद में बिजली के निजीकरण का मुद्दा उठाया और कहा कि इससे बिजली के दाम बढ़ जाएंगे। विपक्ष के नेताओं ने कहा कि बिजली विभाग के पास किसी भी निजी कंपनी से ज्यादा अनुभव है। निजीकरण को तत्काल रोका जाए।

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विपक्ष के आरोपों पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (Energy Minister AK Sharma) ने बयान दिया कि बिजली का निजीकरण राज्य के लिए जरूरी है। हम कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखेंगे और जो कि राज्य और जनता के हित में है वो करेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 2017 में जब भाजपा की सरकार सत्ता में आई तो बिजली विभाग पर एक लाख 42 हजार करोड़ घाटे में था जिसे हम कम करने का प्रयास कर रहे हैं। सपा ने जब सरकार छोड़ी तो राज्य में डेढ़ लाख मजरे विद्युतीकरण से बाकी थे। उन्होंने कहा कि यह सच है पिछली सरकारों के कुप्रबंधन और हमारी सरकार के सुधार के प्रयासों के बावजूद बिजली विभाग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसमें सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निजीकरण से बिजली के दाम नहीं बढ़ेंगे।

कर्मचारियों की भविष्य की चिंता पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हम उनके हितों का पूरा ध्यान रखेंगे। उन्हें अलग-अलग निगमों में समाहित करेंगे। हम जो भी कर रहे हैं वो प्रदेश की जनता को 24 घंटे बिजली देने के लिए कर रहे हैं। राज्य की जनता के हितों को ध्यान में रखकर कर रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष, बोले- विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाए 

सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Assembly Speaker Satish Mahana) ने कहा कि जनता की भलाई के लिए सदन का सुचारू रुप से चलना बेहद जरूरी है। विपक्ष को अपनी जिम्मेदारियों को ठीक तरह से निभाना चाहिए। जहां जरूरत हो उन्हें सरकार की आलोचना का अधिकार है। बतौर विधानसभा अध्यक्ष मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि सदन के सभी सदस्यों को उनके मुद्दों को उठाने का पूरा मौका दिया जाएगा।

 

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