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मासिक शिवरात्रि: भाद्रपद मास की पहली मासिक शिवरात्रि 5 सितंबर को,शिव और शक्ति की पूजा का है पर्व

भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए भक्त गण अवसर तलाशते रहते है।भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने लिए शिव भक्त विधि विधान से शिव शक्ति की पूजा करते है।

By अनूप कुमार 
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भाद्रपद मास की मासिक शिवरात्रि: भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए भक्त गण अवसर तलाशते रहते है।भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने लिए शिव भक्त विधि विधान से शिव शक्ति की पूजा करते है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। मासिक शिवरात्रि वर्ष के प्रत्येक महीने में और महाशिवरात्रि वर्ष में एक बार मनाते है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति का हर मुश्किल काम आसान हो जाता है। मासिक त्योहारों में शिवरात्रि का व्रत और पूजन का बहुत महत्व होता है।यह पर्व न केवल उपासक को अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करने में मदद करता है, बल्कि उसे क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान और लालच जैसी भावनाओं को रोकने में भी मदद करता है।

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हिंदी पंचांग के अनुसार 5 सितंबर 2021 दिन रविवार को भगवान शिव की पूजा का शुभ मुहूर्त रात्रि 11 बजकर 57 मिनट से, अगले दिन 6 सितंबर 2021 दिन सोमवार को 12 बजकर 43 मिनट तक बना हुआ है।

 

कहा जाता है कि शिवरात्रि के दिन ही भगवान ​शिव ने परमब्रह्म से साकार स्वरुप धारण किया था। इस तिथि को ही शिव और शक्ति का मिलन हुआ था। इसी कारण से हर शिवरात्रि को शिव और शक्ति की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन इनकी पूजा करने से भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। उनके कष्ट दूर करते हैं।

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