राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, मैं इस सदन का ध्यान West Asia में जारी conflict के कारण देश में LPG संकट की ओर दिलाना चाहता हूं। LPG संकट से पूरे देश में इससे हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, middle-class, आम घरों, restaurants, hostels तथा commercial users पर बहुत बुरा पड़ रहा है।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में चल रहे एलपीजी संकट पर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, जब सरकार को पता था कि देश में एलपीजी का संकट बढ़ सकता है तो कोई बड़ा कदम क्यों नहीं उठाए गए। हमारे Petroleum मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है। अफवाह से सावधान रहने की बात कही। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित करती है।
राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, मैं इस सदन का ध्यान West Asia में जारी conflict के कारण देश में LPG संकट की ओर दिलाना चाहता हूं। LPG संकट से पूरे देश में इससे हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, middle-class, आम घरों, restaurants, hostels तथा commercial users पर बहुत बुरा पड़ रहा है।
भारत अपनी कुल LPG जरूरतों का करीब करीब 60% import करता है। इसमें भी 90% imports Strait of Hormuz के रास्ते होता है। इस लिहाज से मौजूदा हालात domestic availability और price stability दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। देश के करीब हर हिस्सों में इसका असर पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हैं। छोटे-छोटे ढाबे वाले, restaurants, hostels सब पर असर है। community kitchens से लेकर राम रसोई तक बंद है। घर ही नहीं MSMEs और दूसरे commercial users को LPG cylinders मिलने में भारी दिक्कतें हैं।
ये चिंता की बात है कि कई establishments ने अपने operations सीमित या बंद कर दिए हैं। कुछ ऊंचे दामों पर ₹5,000 प्रति cylinder से अधिक कीमत पर खरीद रहे हैं। हमारे Petroleum मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है। अफवाह से सावधान रहने की बात कही। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित करती है।
सभापतिजी, जब सरकार भारतीय नागरिकों को Iran में advisory जारी कर रही थी कि स्थिति बिगड़ सकती है, तो उसे ये साफ करना चाहिए था कि इसका असर critical maritime routes और energy supplies पर भी पड़ सकता है। उस लिहाज से हमें तैयारी करनी थी।
देश में सिलेंडर बुकिंग का waiting period भी बढ़ा दिया गया, जिसमें शहरों में 25 दिन और गांवों/रिमोट एरिया में 45 दिन हो गया। इस कारण पैनिक बुकिंग शुरू हो गई और जमाखोरी की संभावना बढ़ गई है।
अगर सरकार को पता था कि देश में LPG संकट बढ़ेगा तो सरकार ने कड़े कदम क्यों नहीं उठाए, लोगों को विश्वास में क्यों नहीं लिया। यह संकट सरकार के दयनीय मैनेजमेंट और खराब विदेश नीति की पोल खोलता है। मेरी मांग है कि सरकार इस विषय में तत्काल कड़े कदम उठाए और जनता समेत सभी छोटे व्यापारियों को किफायती दामों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए।