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Kanpur Dehat : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भ्रष्टकार्य शैली,योगी सरकार की साख पर लगा रही है बट्टा

यूपी की योगी सरकार हर विभागीय व शासकीय कार्य शासनादेश के आधार किये जाने का प्रबल पक्षधर हैं, लेकिन उनके मातहत ही सरकार की नीतियों को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसी ही शिकायत उत्तर प्रदेश ईट भट्ठा ( स्थापना हेतु स्थल मापदंड) नियमावली 2012 के शासनादेश के उल्लंघन की शिकायत कानपुर देहात सहित प्रदेश के अन्य जिलों से मुख्यमंत्री मंत्री पोर्टल व प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश से लिखित तौर पर की गई है।

By संतोष सिंह 
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कानपुर देहात। यूपी की योगी सरकार हर विभागीय व शासकीय कार्य शासनादेश के आधार किये जाने का प्रबल पक्षधर हैं, लेकिन उनके मातहत ही सरकार की नीतियों को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसी ही शिकायत उत्तर प्रदेश ईट भट्ठा ( स्थापना हेतु स्थल मापदंड) नियमावली 2012 के शासनादेश के उल्लंघन की शिकायत कानपुर देहात सहित प्रदेश के अन्य जिलों से मुख्यमंत्री मंत्री पोर्टल व प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश से लिखित तौर पर की गई है।

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पीड़ित पक्ष ने बीते दिनों की शिकायत में ईंट भट्टे का विवरण संलग्नक करते हुए लिखा है कि महोदय आपको यह जानकर अत्यंत आश्चर्य होगा कि यह ईट भट्टा उक्त विषयक शासनादेश के विरुद्ध स्थापित किए गए हैं , जबकि शासनादेश यह कहता है कि किसी भी भट्टे की एनओसी क्षेत्रीय अधिकारी के द्वारा तभी दी जाएगी। जब स्थापना स्थल से 1 किलोमीटर के अंतर्गत किसी भी प्रकार की आबादी अथवा सार्वजनिक स्थल न हो और इसके अतिरिक्त किसी अन्य भट्टे की दूरी स्थापना स्थल 800 मीटर से कम न हो। पीड़ित पक्ष कहा है कि जगदंबा प्रसाद मौर्या ने शासनादेश का उल्लंघन ईट भट्टा को एनओसी दी है । शिकातय कर्ता ने कहा है कि ईंट भट्टे के 1 किलोमीटर का सर्कल मैप साक्ष्य स्वरूप आपके अवलोकनार्थ हेतु संलग्न है, जिसमें यह साफ-साफ दर्शित हो रहा है कि शासनादेश का उल्लंघन किया गया है। अतः प्रार्थी आपसे निवेदन करता है कि ईट भट्टे की CTE तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए, जगदंबा प्रसाद मौर्या के विरुद्ध उच्च युक्त कमेटी द्वारा जांच करवाकर कठोर एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

वर्तमान समय में जनपद कानपुर देहात में तैनात रीजनल अफसर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जगदंबा प्रसाद मौर्य व जूनियर इंजीनियर संदेश कुमार यही खेल यहां भी जारी रखा है। इन्होंने अपने मनमाने तरीके से काम करने के रवैया से जिले के सारे ईंट भट्ठा व्यापारी त्रस्त हैं। मुंह मांगी रकम के भुगतान न होने के चलते काम में अड़ंगा पैदा करना इनकी कार्यशैली बन चुका हैं।

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कानपुर देहात के ईंट भट्ठा व्यापारियों का कहना है ​कि इन भ्रष्ट अफसरों की पूर्वक तैनाती के दौरान विभिन्न जिलों में जारी किए गए मानक विरुद्ध एनओसी की शिकायतें संबंधित अधिकारियों वह मुख्यमंत्री पोर्टल पर की जा चुकी है, जिसमें डायमंड ब्रिकफील्ड बिजनौर अभिषेक ईट उद्योग अमरोहा प्रमुख हैं।

अभी तक अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं कानपुर देहात में तो इन्होंने ऐसे ऐसे कारनामे किए हैं कि जिन  उद्योगों को पूर्व अधिकारियों द्वारा मानक विरुद्ध होने के कारण निरस्त किया जा चुका है उनको सत्यापन सीटीई के बिना सीधा संचालन सीटीओ दे दिया गया है। मजेदार बात तो यह है कि कई मामलों में मानक पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश में उरी के अक्षांश व देशांतर दर्शा रखा है, लेकिन उच्चाधिकारी शिकायतों की इतनी लंबी फेहरिस्त के बाद भी अधिकारी कान में तेल डालकर बैठे हुए हैं।

इस बारे में जब उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल अफसर जगदंबा प्रसाद मौर्या से जब उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो साफ-साफ मुकर गए।

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