उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी है। गुरुवार को दूसरे दिन भी लखनऊ, देवरिया, सुल्तानपुर और गोंडा में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। लोग बड़े-बड़े डिब्बे....
लखनऊ, पर्दाफाश। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी है। गुरुवार को दूसरे दिन भी लखनऊ, देवरिया, सुल्तानपुर और गोंडा में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। लोग बड़े-बड़े डिब्बे लेकर पेट्रोल और डीजल भरवाने पहुंच गए, जिससे कई जगह लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे हो गए कि लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। बुधवार रात प्रयागराज और गोंडा के कुछ पेट्रोल पंपों पर स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसके बाद लोगों को तेल उपलब्ध कराया गया।
इस बीच तेल कंपनियों के कॉर्डिनेटर संजय भंडारी ने साफ किया है कि प्रदेश में किसी तरह की कमी नहीं है। उनके अनुसार तेल कंपनियों के पास करीब 22 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि घबराकर ज्यादा तेल खरीदने या जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। गोरखपुर में हालात को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ देर रात सड़कों पर उतरे। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर जाकर लोगों से अपील की कि वे सामान्य दिनों की तरह ही पेट्रोल और डीजल लें और बेवजह लंबी लाइनों में न लगें।
गोंडा में देर रात तक पंपों पर भारी भीड़ बनी रही, जहां किसान डीजल लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। किसानों को आशंका है कि अगर डीजल की कमी हुई तो आने वाले दिनों में गेहूं की मड़ाई प्रभावित हो सकती है। प्रदेश में करीब 13,168 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। पंप मालिकों का कहना है कि अचानक 3 से 4 गुना तक भीड़ बढ़ गई है, जबकि तेल की कोई कमी नहीं है। ऐसे में साफ है कि यह पूरी स्थिति सिर्फ अफवाह के कारण बनी है, जिसने लोगों को परेशान कर दिया है।