1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. Public Examination Bill 2024 : पेपर लीक करने पर 10 साल की जेल और लगेगा 1 करोड़ का जुर्माना, लोकसभा में बिल पेश

Public Examination Bill 2024 : पेपर लीक करने पर 10 साल की जेल और लगेगा 1 करोड़ का जुर्माना, लोकसभा में बिल पेश

लोकसभा में सोमवार को पेपर लीक (Paper Leak)  बिल केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Union Minister Dr. Jitendra Singh) ने पेश किया है। इस बिल में पेपर लीक (Paper Leak) और दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पेपर लीक (Paper Leak)  मामले में दोषी पाए जाने पर 10 साल की सजा और 1 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। लोकसभा (Lok Sabha) में सोमवार को पेपर लीक (Paper Leak)  बिल केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Union Minister Dr. Jitendra Singh) ने पेश किया है। इस बिल में पेपर लीक (Paper Leak) और दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। पेपर लीक (Paper Leak)  मामले में दोषी पाए जाने पर 10 साल की सजा और 1 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं दूसरे कैंडिडेट के स्थान पर परीक्षा देने पर भी कड़ी सजा मिलेगी। आइए जानते हैं कि पेपर लीक (Paper Leak) और नकल के किन मामलों में कितनी सजा और जुर्माने का प्रावधान बिल में किया गया है।

पढ़ें :- NALSAR Controversy: धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब मनन मिश्रा घिरे, BCI अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर CJP का हल्लाबोल

देश के विभिन्न राज्यों में आए दिन पेपर लीक (Paper Leak)  और नकल की घटनाएं होती रहती हैं। कई राज्यों में इसके खिलाफ कानून भी बनाए गए हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इसके खिलाफ कोई कानून नहीं है। कई राज्यों में पेपर लीक की वजह से परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी और दोबारा एग्जाम कराने पड़े। केंद्र सरकार ने पेपर लीक (Paper Leak) पर आज लोकसभा (Lok Sabha) में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2024 पेश कर दिया।

पेपर लीक पर मिलेगी 10 साल की सजा

पेपर लीक (Paper Leak) के मामले में अपराध साबित होने पर दोषी को 10 साल की जेल और 1 करोड़ का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने के मामले में दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल की जेल होगी और 10 लाख का जुर्माना भी लगाया जाएगा। वहीं अगर पेपर लीक (Paper Leak) और नकल के मामले में कोई भी संस्थान शामिल होता पाया गया, तो उससे परीक्षा का पूरा खर्च वसूला जाएगा और उसकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।

क्यों पड़ी इस बिल की जरूरत?

पढ़ें :- पूर्व विधायक भाई के पास विजिलेंस छापेमारी में मिली अकूत संपत्ति, कई जिलों के सीएमओ लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी विजिलेंस टीम के रडार पर

राजस्थान, तेलंगाना, एमपी, गुजरात, झारखंड में पेपर लीक (Paper Leak) होने के कारण परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थी और इन परीक्षाओं का आयोजन फिर से किया गया था। वहीं दोबारा से परीक्षा कराने पर राज्य सरकार का पैसा खर्च होता है और कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। साथ ही सरकार और स्थानीय प्रशासन को छात्रों की नाराजगी का भी सामना करना पड़ता है।

UPSC, NEET और JEE परीक्षा पर भी लागू होगा बिल

यूपीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, नीट- मेडिकल एवं इंजीनियरिंग समेत विभिन्न परीक्षाओं को इसके दायरे में लाया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में भी पेपर लीक (Paper Leak)  पर चिंता जताई गई थी। पेपर लीक (Paper Leak)  होने या नकल की वजह से लाखों परीक्षार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

कौन करेगा मामले की जांच?

पेपर लीक (Paper Leak)  और नकल के मामलों की जांच पुलिस उपाधीक्षक, सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे। सरकार के पास केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपने का अधिकार होगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाने के लिए इस बिल को पेश किया गया है।

पढ़ें :- 'मैं खड़ी रही, पूजा नहीं करने दी...' पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की पत्नी और BJP MLA जयदेवी कौशल ने जातिगत भेदभाव का लगाया आरोप

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...