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शाजापुर में ट्रक ड्राइवर से ‘औकात’ पूछने वाले डीएम पर गिरी गाज, सीएम मोहन यादव, बोले-अधिकारी भाषा और व्यवहार का रखें ध्यान

ट्रक ड्राइवर से'औकात' पूछने वाले शाजापुर कलेक्टर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav) ने बुधवार को बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav) ने शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल (Shajapur Collector Kishore Kanyal) को हटा दिया है।

By santosh singh 
Updated Date

भोपाल। ट्रक ड्राइवर से’औकात’ पूछने वाले शाजापुर कलेक्टर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav) ने बुधवार को बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav) ने शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल (Shajapur Collector Kishore Kanyal) को हटा दिया है। बता दें कि ड्राइवर से ‘औकात’ पूछने वाले बयान को लेकर जिलाधिकारी के खिलाफ यह एक्शन लिया गया है।

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इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने कहा कि यह सरकार गरीबों की सरकार है। सबके काम का सम्मान होना चाहिए और भाव का भी सम्मान होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में हम गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। हम लगातार गरीबों की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा मनुष्यता के नाते ऐसी भाषा हमारी सरकार में बर्दाश्त नहीं। मैं खुद मजदूर परिवार का बेटा हूं। इस तरह की भाषा बोलना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखें।

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बता दें कि ड्राइवर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग के दौरान कलेक्टर अपना आपा खो बैठे थे। वीडियो में नजर आ रहा है कि जब ड्राइवर्स के एक प्रतिनिधि ने कलेक्टर से ठीक ढंग से बातचीत करने का आग्रह किया तो उन्होंने ड्राइवर्स और अन्य से कानून अपने हाथ में नहीं लेने को कहा। साथ एक एक व्यक्ति से बोले, क्या करोगे तुम, क्या औकात है तुम्हारी?

सफाई और माफी के बाद भी नहीं बची कुर्सी

शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल (Shajapur Collector Kishore Kanyal)  ने ‘औकात’ वाले बयान पर माफी मांग ली थी। वहीं, अपनी सफाई में कहा था कि जिला और पुलिस प्रशासन ने जिले के 250 ड्राइवर्स की मीटिंग बुलाई थी। बता दें कि सोमवार को उनमें से कई ड्राइवर्स ने काफी उपद्रव मचाया था। इसी के चलते कलेक्टर ऑफिस में मीटिंग बुलाकर ड्राइवर्स को समझाइश दी जा रही थी कि कानून को हाथ में न लें। प्रजातांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताएं। इसी दौरान मीटिंग में शामिल एक शख्स बार-बार पर खलल डाल रहा था और कह रहा था कि 3 जनवरी तक मांगें नहीं मानी तो हम किसी भी स्तर पर जा सकते हैं। उसी दौरान यह शब्द मेरे मुंह से निकल गए गए थे. यदि किसी को मेरी बातचीत से दुख पहुंचा हो तो माफी चाहता हूं।

जानिए पूरा मामला?

मध्य प्रदेश के तमाम हिस्सों में वाहन चालकों ने केंद्र सरकार के ‘हिट-एंड-रन’ मामलों से संबंधित नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर काम बंद कर दिया था। जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे थे। इस वजह से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शाजापुर जिले में ड्राइवर्स एसोसिएशन ने उग्र प्रदर्शन किया। उन्हीं से बातचीत करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने मीटिंग बुलाई थी। इसी दौरान कलेक्टर ने एक ड्राइवर से बहस के बीच ‘औकात’ वाली बात कह डाली थी।

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जानें ‘हिट-एंड-रन’ नए कानून के बारे में

मोटर चालकों से जुड़े ‘हिट-एंड-रन’ दुर्घटना मामलों के संबंध में नए दंड कानून के प्रावधान के खिलाफ सोमवार और मंगलवार को देशभर में प्रदर्शन हुआ। दरअसल, भारतीय दंड संहिता (IPS) की जगह लेने वाले भारतीय न्याय संहिता (BNS) में प्रावधान है कि लापरवाही से गाड़ी चलाकर गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बनने वाले और पुलिस या प्रशासन के किसी भी अधिकारी को सूचित किए बिना भागने वाले वाहन चालकों को 10 साल तक की सजा या 7 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। वाहन चालकों का कहना है कि नए कानून के अनुसार ‘हिट-एंड-रन’ मामलों में 10 साल की जेल की सजा और सात लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है, जो बहुत कठोर है। जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा तब तक विरोध जारी रहेगा।

 

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