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परिवार में जीवन मूल्य सिखाएं तभी मानवता सुखी रहेगी : दत्तात्रेय होसबाले

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि मनुष्य को संस्कार परिवार से ही मिलता है। यदि परिवार ठीक नहीं है तो बच्चों का जीवन बर्बाद हो जाता है। आत्मीयता व परस्पर सामंजस्य का भाव अगर कम हो गया तो बच्चे समाज के अच्छे नागरिक नहीं बन पायेंगे। परिवार ठीक रहेगा तो सब ठीक रहेगा। इसलिए परिवार में जीवन मूल्य सिखाएं तभी मानवता सुखी रहेगी।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि मनुष्य को संस्कार परिवार से ही मिलता है। यदि परिवार ठीक नहीं है तो बच्चों का जीवन बर्बाद हो जाता है। आत्मीयता व परस्पर सामंजस्य का भाव अगर कम हो गया तो बच्चे समाज के अच्छे नागरिक नहीं बन पायेंगे। परिवार ठीक रहेगा तो सब ठीक रहेगा। इसलिए परिवार में जीवन मूल्य सिखाएं तभी मानवता सुखी रहेगी। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लखनऊ विभाग द्वारा रविवार को सीएमएस गोमतीनगर विस्तार में आयोजित परिवार मिलन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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सरकार्यवाह ने कहा कि सद्भावना व सत्कर्म से जो संस्कार होता है उससे राष्ट्र व समाज का कल्याण होता है। आदर्श परिवार बनाने के लिए सबके प्रति स्नेह का भाव व सबको जोड़कर एक समाज के नाते मिलकर रहने से समाज की शक्ति बढ़ेगी.

विश्व के लिए परिवार की बहुत आवश्यकता, परिवार भाव से ही सबका भला होगा

एक दूसरे के प्रति प्रेम आत्मीयता सहयोग व समन्वय की भावना होनी चाहिए। दूसरे के विकास में मन को प्रसन्नता होती है। इसी को परिवार कहते हैं। परिवार के संदेश को हमने संगठन में भी लिया है। इसलिए हम जहां भी कार्य करें वहां टीम भावना से कार्य करना चाहिए। इसलिए आपस में प्रेम समन्वय व सहयोग की भावना जो परिवार में होनी चाहिए वही भाव संघकार्य में होना चाहिए।

होसबाले ने कहा कि परिवार भाव से ही सबका भला होगा। हमने पूर विश्व को एक परिवार माना है। जी-20 का ध्येय वाक्य भी वसुधैव कुटुम्बकम है। आज विश्व के लिए परिवार की बहुत आवश्यकता है। कई देशों में वहाँ के राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में लिखा कि हम पारिवारिक मूल्यों को लागू करेंगे। आज परिवार में एकता की बात होती है, लेकिन यह बात विरोधाभासी है। परिवार का मतलब ही एकता है, लेकिन आज परिस्थिति ऐसी हो गई है कि परिवार में एकता की बात की जाती है।

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होसबाले ने कहा कि तपस्या सिर्फ़ जंगल में बैठने से नहीं होती, कोई भी कर्म साधना के साथ बिना स्वार्थ के किया जाए तो वह तपस्या है। आध्यात्म आत्मा के विकास के साथ, समाज के हित के लिए होता है।

परिवार मिलन कार्यक्रम में संघ के कार्यकर्ताओं ने सपरिवार सहभागिता की और सहभोज हुआ। कार्यक्रम से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में भजन, गढ़वाली नृत्य व गिद्धा नृत्य की प्रस्तुति हुई। सरकार्यवाह के साथ सह प्रान्त संघचालक सुनीत खरे व लखनऊ के विभाग संघचालक एडवोकेट जयकृष्ण सिन्हा मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन विभाग कार्यवाह अमितेश ने किया।

इस अवसर पर क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रान्त प्रचारक कौशल, सह प्रान्त प्रचारक मनोज, सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख मनोजकांत, इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री संजय, संयुक्त क्षेत्र के ग्राम विकास विभाग के प्रमुख वीरेन्द्र सिंह, संयुक्त क्षेत्र के कुटम्ब प्रबोधन प्रमुख ओमपाल सिंह, क्षेत्र कुटुम्ब प्रबोधन प्रमुख अशोक उपाध्याय,विभाग प्रचारक अनिल, विभाग कार्यवाह अमितेश, सह विभाग कार्यवाह ब्रजेश पाण्डेय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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