1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. 16वीं जनगणना में अपनाया जाए तेलंगाना मॉडल, कांग्रेस के दबाव में प्रधानमंत्री को जातिगत जनगणना की मांग के आगे झुकना पड़ा : जयराम रमेश

16वीं जनगणना में अपनाया जाए तेलंगाना मॉडल, कांग्रेस के दबाव में प्रधानमंत्री को जातिगत जनगणना की मांग के आगे झुकना पड़ा : जयराम रमेश

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, लंबे इंतज़ार के बाद बहुप्रचारित 16वीं जनगणना की अधिसूचना आखिरकार जारी हो गई है। लेकिन यह एकदम खोदा पहाड़, निकली चुहिया जैसा है-क्योंकि इसमें 30 अप्रैल 2025 को पहले से घोषित बातों को ही दोहराया गया है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसको लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की लगातार मांग और दबाव के चलते ही प्रधानमंत्री को जातिगत जनगणना की मांग के आगे झुकना पड़ा। इसी मांग को लेकर उन्होंने कांग्रेस नेताओं को “अर्बन नक्सल” तक कह दिया था।

पढ़ें :- अपने बूथ पर काम करें, 2027 में कोई चूक नहीं होनी चाहिए...प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं से बोले अखिलेश यादव

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, लंबे इंतज़ार के बाद बहुप्रचारित 16वीं जनगणना की अधिसूचना आखिरकार जारी हो गई है। लेकिन यह एकदम खोदा पहाड़, निकली चुहिया जैसा है-क्योंकि इसमें 30 अप्रैल 2025 को पहले से घोषित बातों को ही दोहराया गया है।

असलियत यह है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की लगातार मांग और दबाव के चलते ही प्रधानमंत्री को जातिगत जनगणना की मांग के आगे झुकना पड़ा। इसी मांग को लेकर उन्होंने कांग्रेस नेताओं को “अर्बन नक्सल” तक कह दिया था। संसद हो या सुप्रीम कोर्ट-मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना के विचार को सिरे से खारिज कर दिया था। और अब से ठीक 47 दिन पहले, सरकार ने खुद इसकी घोषणा की।

उन्होंने आगे लिखा, हालांकि आज की राजपत्र अधिसूचना में जातिगत गणना का कोई उल्लेख नहीं है। तो क्या यह फिर वही यू-टर्न है, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी कुख्यात हो चुके हैं? या फिर आगे इसके विवरण सामने आयेंगे? साथ ही लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि 16वीं जनगणना में तेलंगाना मॉडल अपनाया जाए-यानी सिर्फ जातियों की गिनती ही नहीं बल्कि जातिवार सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी जुटाई जानी चाहिए।

तेलंगाना की जातिगत सर्वेक्षण में 56 सवाल पूछे गए थे। अब सवाल यह है कि 56 इंच की छाती का दावा करने वाले नॉन बायोलॉजिकल व्यक्ति में क्या इतनी समझ और साहस है कि वह 16वीं जनगणना में भी 56 सवाल पूछने की भी हिम्मत दिखा सकें?

पढ़ें :- US-Greenland Conflict : ग्रीनलैंड पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, बोले-'अमेरिकी नियंत्रण से कम कुछ भी नामंजूर'

 

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...