केंद्र सरकार (Central Government) ने सोमवार को सांसदों और पूर्व सांसदों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की। नई अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा सांसदों के वेतन में 24 फीसदी की वृद्धि की गई है। यह बदलाव संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम के तहत किया गया है, जो आयकर अधिनियम, 1961 में निर्दिष्ट लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (Cost Inflation Index) पर आधारित है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) ने सोमवार को सांसदों और पूर्व सांसदों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की। नई अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा सांसदों के वेतन में 24 फीसदी की वृद्धि की गई है। यह बदलाव संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम के तहत किया गया है, जो आयकर अधिनियम, 1961 में निर्दिष्ट लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (Cost Inflation Index) पर आधारित है।
सांसदों का मासिक वेतन 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 24 हजार रुपये कर दिया गया है। मौजूदा सांसदों को मिलने वाला दैनिक भत्ता 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 2,500 किया गया है। इसके साथ ही पूर्व सांसदों की पेंशन 25 हजार से से बढ़ाकर 31 हजार रुपये कर दी गई है। इसके अलावा पांच साल की सेवा के बाद मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन 2,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह कर दी गई है।
कर्नाटक में मुख्यमंत्री मंत्रियों और विधायकों की सैलरी में 100 फीसदी तक की वृद्धि को मंजूरी
सांसदों की सैलरी में बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में कर्नाटक सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में 100 फीसदी तक की वृद्धि को मंजूरी दी। कर्नाटक मंत्रियों के वेतन और भत्ते (संशोधन) विधेयक, 2025 के अनुसार, मुख्यमंत्री का मासिक वेतन 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि मंत्रियों का वेतन 60 हजार रुपये से बढ़कर 1.25 लाख रुपये हो गया है।
यह बिल विधानसभा में बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया, क्योंकि विपक्षी बीजेपी उस समय सरकारी अनुबंधों में मुसलमानों के लिए 4 फीसदी आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी। इस वजह से विधायकों की सैलरी बढ़ोतरी पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।