न्यायालय,अधिवक्ता और वादकारी, तीनों न्याय व्यवस्था के मूल स्तंभ हैं। यह बात नव वर्ष के उपलक्ष्य में जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा नव वर्ष के अवसर पर शिष्टाचार भेंट के दौरान जिला जज रविन्द्र सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की गरिमा, न्यायालय की मर्यादा और वादकारियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण से ही सच्चा एवं प्रभावी न्याय संभव है।
कानपुर देहात। न्यायालय,अधिवक्ता और वादकारी, तीनों न्याय व्यवस्था के मूल स्तंभ हैं। यह बात नव वर्ष के उपलक्ष्य में जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा नव वर्ष के अवसर पर शिष्टाचार भेंट के दौरान जिला जज रविन्द्र सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की गरिमा, न्यायालय की मर्यादा और वादकारियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण से ही सच्चा एवं प्रभावी न्याय संभव है। नववर्ष में हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक न्यायार्थी को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो।
जिला जज श्री सिंह ने आगे कहा कि बार और बेंच के मध्य आपसी सहयोग, अनुशासन एवं सकारात्मक संवाद से न केवल न्यायिक प्रक्रिया सुदृढ़ होती है, बल्कि आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास भी और अधिक मजबूत होता है। भेंट करने वालों में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, महामंत्री घनश्याम सिंह राठौर , पूर्व अध्यक्ष सम्पत लाल यादव, पूर्व उपाध्यक्ष रमेश चन्द्र सिंह गौर, राजेन्द्र द्विवेदी ,जितेन्द्र बाबू ,आनंद मोहन कटियार, योगेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, सर्वेंद्र सिंह, सुलेखा यादव , महेन्द्र सिंह ,विश्वनाथ सिंह व रोहित शुक्ला रहे।
इस अवसर पर सभी भेंटकर्ता अधिवक्ताओं ने जिला जज श्री सिंह को आश्वस्त किया कि अधिवक्ता समाज न्यायालय के साथ पूर्ण सहयोग करते हुए वादकारियों के हितों की रक्षा व न्यायिक गरिमा बनाए रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।