Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. योगी सरकार ने जातीय भेदभाव खत्म करने के लिए उठाया अहम कदम, अब पुलिस FIR में नहीं होगा जाति का उल्लेख, आदेश जारी

योगी सरकार ने जातीय भेदभाव खत्म करने के लिए उठाया अहम कदम, अब पुलिस FIR में नहीं होगा जाति का उल्लेख, आदेश जारी

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्य सचिव दीपक कुमार (Chief Secretary Deepak Kumar) ने आदेश जारी कर कहा है कि प्रदेश में अब सार्वजनिक स्थलों पर जाति का उल्लेख नहीं होगा। साथ ही पुलिस रिकॉर्ड्स और प्राथमिकी से भी जाति का जिक्र हटाया जाएगा। यह आदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) के निर्देशों का पालन करते हुए जारी किया है।

पढ़ें :- योगी सरकार का एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर बड़ा एक्शन, पनीर-घी-खोया समेत सब बैन

जानें सरकार के आदेश में है क्या ?

आदेश में कहा गया है कि पुलिस अभिलेखों, सार्वजनिक संकेतों में जाति का प्रदर्शन रोका जाए और जातीय संघर्ष प्रेरित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के क्राइम क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) में अभियुक्तों की जाति बताने वाले कॉलम को हटाया जाए और अभियुक्तों के पिता के साथ मां का भी नाम दर्ज हो। वाहनों और सार्वजनिक स्थानों पर जाति का महिमामंडन करने वालों पर भी कार्रवाई को कहा गया है।

हाई कोर्ट का क्या है निर्देश?

पढ़ें :- जो 1.5 हजार रुपए नहीं दे पाए वो महिलाओं को 50 हजार रुपए क्या देंगे, इनकी किसी बात पर भरोसा मत करना: अखिलेश यादव

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court)  के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकलपीठ ने 19 सितंबर को प्रवीण छेत्री से जुड़े शराब तस्करी के मामले में सुनवाई के दौरान छेत्री की भील जाति का उल्लेख करने पर आपत्ति जताई थी।

कोर्ट ने जाति का महिमामंडन राष्ट्र-विरोधी बताया और संवैधानिक नैतिकता का हवाला देते हुए सरकार से दस्तावेजी प्रक्रियाओं में बदलाव करने को कहा था। कोर्ट में पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) ने जाति उल्लेख के समर्थन में हलफनामा भी दिया था, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।

 

Advertisement