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टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के लिए अमृतसर से आए थे हथियार, 2 महिलाओं ने ट्रेन से मुंबई पहुंचाई पिस्टल

बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच में हथियारों की सप्लाई से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और कारतूस पंजाब के अमृतसर से जुटाए गए थे। इन्हें मुंबई पहुंचाने के लिए दो महिलाओं की मदद ली गई...

By Harsh 
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मुंबई।  बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच में हथियारों की सप्लाई से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और कारतूस पंजाब के अमृतसर से जुटाए गए थे। इन्हें मुंबई पहुंचाने के लिए दो महिलाओं की मदद ली गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हरियाणा के कुणाल (21) और सुमित (19) के साथ उत्तर प्रदेश की राधा (23) और बबीता (23) को गिरफ्तार किया है।

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पुलिस का आरोप है कि चारों ने हथियार जुटाने से लेकर उन्हें शूटरों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। इससे पहले फायरिंग के आरोप में बिहार के ऋतिक और हरियाणा के रेहान व फूल सिंह को कोटा से गिरफ्तार किया गया था। जांच में लॉरेंस गैंग के सदस्य अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है।

जेल से बाहर आते ही गैंग के संपर्क में आया कुणाल

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुणाल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था। इसके बाद एक दोस्त के जरिए उसकी मुलाकात अनिल पंडित से हुई। दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप पर बातचीत करने लगे। पुलिस को शक है कि अनिल विदेश में रहकर अपने नेटवर्क को निर्देश दे रहा था। करीब दो हफ्ते पहले उसने कुणाल को अमृतसर से हथियार जुटाकर मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी दी। कुणाल ने इस काम में सुमित को शामिल कर लिया।

अमृतसर में तय जगह से उठाई पिस्टल और 20 कारतूस

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुणाल और सुमित अमृतसर पहुंचे, जहां एक तय जगह पर पिस्टल और 20 कारतूस रखे हुए थे। दोनों ने वहां से हथियार उठा लिए। हथियार किसने वहां रखे थे, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी।

इस तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है। इसमें सामान किसी निश्चित जगह पर छोड़ दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां से उसे ले लेता है। इस तरह दोनों के बीच सीधे मुलाकात की जरूरत नहीं पड़ती। सूत्रों का दावा है कि हथियार पहुंचाने के लिए कुणाल और सुमित को 70 से 80 हजार रुपये दिए गए थे। इसमें से करीब 10 से 12 हजार रुपये राधा और बबीता को दिए गए।

बैग में पिस्टल रखकर ट्रेन से मुंबई पहुंचीं महिलाएं

जांच के मुताबिक, कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती थीं। पुलिस का आरोप है कि कुणाल ने दोनों को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया।

15 अक्टूबर को कुणाल दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। बताया जा रहा है कि पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी। इसके बाद दोनों ट्रेन से मुंबई रवाना हो गईं। यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में था और महिलाओं को निर्देश दे रहा था।

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मुंबई पहुंचते ही होटल के पास बैग लेकर चला गया नाबालिग

पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया।

जांचकर्ताओं को शक है कि बैग में रखी पिस्टल का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में किया गया था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बैग लेने वाला लड़का वही नाबालिग था या नहीं, जिसे इस मामले में कोटा से गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

फायरिंग के बाद शूटरों को मुंबई से निकालने की भी थी तैयारी

पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। इस घटना में एक्टर सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को चोट आई। जांचकर्ताओं का कहना है कि वारदात के बाद अनिल पंडित ने कुणाल से संपर्क किया। उसने कथित तौर पर बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उन्हें शहर से बाहर निकालने की व्यवस्था करने को कहा।

इसी दिन राधा और बबीता दादर से हरिद्वार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुईं। पुलिस अब उनकी यात्रा, हथियारों की सप्लाई और फायरिंग के बाद आरोपियों की आवाजाही के बीच संबंध की जांच कर रही है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। हथियार किसने उपलब्ध कराए, बैग लेने वाले नाबालिग की भूमिका क्या थी और पूरे नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा था, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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