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करोड़ों की दौलत, फिर भी देसी अंदाज! दरभंगा के गांव में लुंगी-टीशर्ट पहन दालान पर बैठे संजय मिश्रा

बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा अपने पैतृक गांव दरभंगा के नारायणपुर पहुंचे, जहां उनका बिल्कुल देसी अंदाज देखने को मिला। लुंगी और टी-शर्ट पहनकर दालान पर बैठे अभिनेता ने परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों और बच्चों के साथ वक्त बिताया। गांव में आज भी उन्हें प्यार से ‘घूटन’ कहकर बुलाया जाता है।

By Kalpna Pandey 
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Bollywood: बॉलीवुड में अपनी दमदार अदाकारी और कॉमेडी से पहचान बनाने वाले अभिनेता संजय मिश्रा इन दिनों अपने देसी अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित संजय मिश्रा अपने पैतृक गांव नारायणपुर पहुंचे, जहां उनका बेहद सादा और अपनापन भरा अंदाज देखने को मिला। शहरों की चकाचौंध और फिल्मी दुनिया की भागदौड़ से दूर अभिनेता गांव में लुंगी और टी-शर्ट पहनकर दालान पर बैठे नजर आए।

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दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड की राघोपुर पश्चिमी पंचायत के नारायणपुर गांव में संजय मिश्रा ने अपने परिवार, बुजुर्गों और बच्चों के साथ समय बिताया। गांव पहुंचने की खबर फैलते ही स्थानीय लोग और उनके प्रशंसक उनसे मिलने के लिए जुटने लगे। लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। अभिनेता ने भी अपनों से मिलकर हालचाल जाना और सहज तरीके से बातचीत की।

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गांव में आज भी ‘घूटन’ हैं संजय मिश्रा

संजय मिश्रा को बचपन में प्यार से ‘घूटन’ कहकर बुलाया जाता था। गांव में उनके पहुंचने पर यही पुराना अपनापन देखने को मिला। वे अपने परिजनों, चाची और पड़ोसियों से मिले। उनके लिए यह मुलाकात किसी फिल्मी सितारे के स्वागत से ज्यादा अपने घर लौटे सदस्य से मिलने जैसा माहौल लेकर आई।

कामयाबी के बावजूद नहीं भूले अपनी जड़ें

संजय मिश्रा हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं और अपने अलग अंदाज के अभिनय के लिए पहचाने जाते हैं। उन्हें फिल्म ‘भक्षक’ में अभिनय के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला है। उनकी उपलब्धियों के बीच गांव में साधारण कपड़ों में बैठने की तस्वीरें लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

फिल्मी दुनिया में पहचान बनाने के बाद भी अपने गांव और लोगों से जुड़ाव बनाए रखना संजय मिश्रा की इस यात्रा को खास बनाता है। उनका यह देसी अंदाज याद दिलाता है कि बड़ी पहचान के बावजूद अपनी मिट्टी और अपनों के बीच बिताए पल किसी भी इंसान के लिए खास होते हैं।

 

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