west bengal election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मालदा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने भाषण में पीएम मोदी को ‘देशद्रोही’ तक कह दिया, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री देशभक्ति की बात करते हैं, लेकिन उनकी नीतियां देश के हित में नहीं हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इससे भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों को भारी नुकसान होगा। उनके मुताबिक, इस डील के चलते देश में बड़े स्तर पर रोजगार का संकट पैदा हो सकता है और लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
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SIR और वोटर लिस्ट पर उठे गंभीर सवाल
अपने भाषण में राहुल गांधी ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह असंवैधानिक है। राहुल ने कहा कि लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार सबसे अहम होता है और यदि लोगों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने वादा किया कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है, तो जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें फिर से जोड़ा जाएगा।
भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र, ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में अपनी भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक करीब 4000 किलोमीटर की पदयात्रा की थी। उनका कहना था कि इस यात्रा का मकसद देश में फैल रही नफरत के माहौल को खत्म करना और ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ खोलना था। उन्होंने कहा कि नफरत से देश कमजोर होता है, जैसे परिवार में नफरत आने से परिवार टूट जाता है।
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मोदी पर व्यक्तिगत हमला, ‘56 इंच’ बयान पर तंज
राहुल गांधी ने अपने भाषण में पीएम मोदी के ‘56 इंच की छाती’ वाले बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक नारा है, हकीकत नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह पीएम मोदी की आंखों में देखते हैं, तो प्रधानमंत्री नजरें नहीं मिला पाते। उनके अनुसार, देश की असली ताकत लोगों की एकता और आपसी विश्वास में होती है, न कि ऐसे नारों में।
अडानी मुद्दे पर फिर घेरा
राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के अधिकतर बड़े प्रोजेक्ट और ठेके अडानी को दिए जाते हैं। राहुल ने कहा कि भाजपा और अडानी के बीच करीबी संबंध हैं और सरकार की नीतियां कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अडानी से जुड़े मामलों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।
ट्रंप का जिक्र कर साधा निशाना
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अपने भाषण में राहुल गांधी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं और प्रधानमंत्री पर बाहरी दबाव भी है।
बंगाल चुनाव के बीच राहुल गांधी के इस आक्रामक भाषण ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि इन आरोप-प्रत्यारोपों का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है