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Yogi Cabinet 2.0 : एके शर्मा भी बने योगी कैबिनेट का हिस्सा, पीएम मोदी के हैं करीबी

Yogi Cabinet 2.0 : यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी पूर्ण बहुमत दिलाने वाले योगी आदित्य नाथ ने शुक्रवार को लगातार दूसरी बार सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए मुख्यपमंत्री पद की शपथ ली है। योगी के साथ उनके नए मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली। नए मंत्री में एक नाम अरुण कुमार शर्मा की खासी चर्चा है। बता दें कि एके शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीबी माने जाते हैं।

By संतोष सिंह 
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Yogi Cabinet 2.0 : यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) में बीजेपी पूर्ण बहुमत दिलाने वाले योगी आदित्य नाथ (Yogi Aditya Nath) ने शुक्रवार को लगातार दूसरी बार सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए मुख्यपमंत्री पद की शपथ ली है। योगी के साथ उनके नए मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली। नए मंत्री में एक नाम अरुण कुमार शर्मा (Arun Kumar Sharma) की खासी चर्चा है। बता दें कि एके शर्मा (AK Sharma) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के काफी करीबी माने जाते हैं।

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1988 बैच के आईएएस अफसर रहे एके शर्मा (AK Sharma) को लेकर पिछले कुछ समय से यूपी की राजनीति में काफी चर्चाएं होती रही है। नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)जब गुजरात के सीएम थे। तब करीब 2001 से 2013 तक एके शर्मा (AK Sharma) ने उनके साथ काम किया। शर्मा की गिनती मोदी के सबसे भरोसेमंद अफसरों में की जाती थी। टाटा नैनो के प्रोजेक्ट को गुजरात लाने में एके शर्मा का महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है। गुजरात में बड़े पैमाने पर निवेश में भी उनका अहम योगदान माना जाता है।

गुजरात से डेप्युटेशन पर पीएमओ आए

मोदी जब पीएम बने तो तो एके शर्मा (AK Sharma) भी गुजरात से डेप्युटेशन पर पीएमओ (PMO)आ गए। उन्हें जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया। वर्ष 2017 में वह एडिशनल सेक्रेटरी बनाए गए। शर्मा मूल रूप से यूपी के मऊ जिले के रहने वाले हैं।एके शर्मा भूमिहार ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। 2021 में स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेकर उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली। उन्हें विधान परिषद के लिए चुना गया। शर्मा संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष बने। इसके बाद यूपी की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। कहा जाने लगा कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष खड़ा किया जा रहा है लेकिन, बाद में पार्टी की ओर से मामले को शांत किया गया।

कोविड के दौरान किए गए काम की हुई तारीफ

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कोविड काल में वह वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिलों में खासे सक्रिय थे। उनके काम की खासी तारीफ भी हुई। तभी से कहा जाने लगा कि उन्हें सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि पहली योगी सरकार में उन्हें एंट्री नहीं मिल पाई, लेकिन अबकी बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

 

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