1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 पर अखिलेश यादव ने उठाया बड़ा सवाल, बोले-जनगणना के बाद ही महिला आरक्षण की हो बात 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 पर अखिलेश यादव ने उठाया बड़ा सवाल, बोले-जनगणना के बाद ही महिला आरक्षण की हो बात 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित विधेयक के आधार पर सवाल उठाते हुए रविवार को कहा कि संसद व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करने से पहले नयी जनगणना पूरी करना जरूरी है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित विधेयक के आधार पर सवाल उठाते हुए रविवार को कहा कि संसद व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करने से पहले नयी जनगणना पूरी करना जरूरी है। यादव ने ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा कि किसी भी नीति की नींव सटीक आंकड़ों पर होनी चाहिए और तर्क दिया कि यदि महिला आरक्षण का ढांचा 2011 की जनगणना के पुराने आंकड़ों पर आधारित है, तो वह स्वाभाविक रूप से त्रुटिपूर्ण होगा।

पढ़ें :- सैफई इलाके में गेहूं के खेत में गिरा ड्रोन, सपा सुप्रीमो अखिलेश बोले- भाजपा सरकार में कोई भी परीक्षण क्यों नहीं हो पाता सफल?

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का तो आधार ही निराधार है। आरक्षण का आधार अगर कुल सीट का एक तिहाई है तो इसका मतलब हुआ कि ये गणित का विषय है और गणित का आधार अंक होते हैं, संख्याएं होती हैं, कोई हवा हवाई बात नहीं। और इस तरह के मामले में संख्या का आधार जनसंख्या होती है, जिसका आधार जनगणना होती है।

यादव ने कहा कि ‘जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आंकड़ों को आधार बनाएंगे तो महिला आरक्षण की आधारभूमि ही गलत होगी, जब भूमि में ही दोष होगा तो सच्ची फसल कैसे उगेगी? उन्होंने आपत्ति जताते हुए मांग कि हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यही है कि पहले जनगणना कराई जाए फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए।

सपा अध्यक्ष ने कहा,कि जो सरकार महिलाओं को गिनना नहीं चाहती है, वो भला उन्हें आरक्षण क्या देगी? महिलाओं के साथ भाजपा और उनके संगी-साथी जो धोखा करना चाहते हैं, महिलाओं के साथ वो छलावा हम नहीं होने देंगे। कुल मिलाकर सरकार से हमारा ये कहना है। जब तक जनगणना नहीं, तब तक महिला आरक्षण पर बहस करना नहीं।

बता दें कि अखिलेश यादव की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि संसद का बजट सत्र तीन दिन के लिए बढ़ा दिया गया है ताकि लोकसभा एव राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले 2023 में पारित कानून को 2029 से लागू किया जा सके। बीते गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने राज्यसभा में कहा था कि सदन जल्द ही एक महत्वपूर्ण विधेयक पर विचार करने के लिए फिर से बैठक करेगा। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए 2023 में संविधान संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पारित किया गया था, हालांकि इसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है।

पढ़ें :- जिस सपा के दामन पर रामभक्तों के खून के छींटे लगे हों, वे आज रामभक्ति का स्वांग रच रहे: केशव मौर्य

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...