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अखिलेश यादव, बोले- भ्रष्टाचार की रकम के ‘बंटवारे के झगड़े’ के कारण हुआ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश का निलंबन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने योगी सरकार (Yogi Government) पर रविवार को भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में निलंबित किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश (IAS officer Abhishek Prakash) के खिलाफ यह कार्रवाई कमीशन मांगने की वजह से नहीं बल्कि बेईमानी की रकम के ‘बंटवारे के झगड़े’ की वजह से हुई है।

By santosh singh 
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने योगी सरकार (Yogi Government) पर रविवार को भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में निलंबित किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश (IAS officer Abhishek Prakash) के खिलाफ यह कार्रवाई कमीशन मांगने की वजह से नहीं बल्कि बेईमानी की रकम के ‘बंटवारे के झगड़े’ की वजह से हुई है।

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यादव ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रति ‘कतई न बर्दाश्त’ करने वाली भाजपा की नीति को ‘बकवास’ करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके बारे में कुछ जानते ही नहीं हैं। समाजवाद के प्रणेता डॉक्टर राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें यहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यादव ने भ्रष्टाचार के आरोप में हाल ही में निलंबित किए गए ‘इन्वेस्ट यूपी’ के मुख्य अधिशासी अधिकारी वरिष्ठ आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश (Abhishek Prakash) की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘क्या आप और हम लोग नहीं जानते कि एक आईएएस अधिकारी फरार है। भूमिगत है। और सुनने में आ रहा है कि जो मुख्यमंत्री कार्यालय है या मुख्यमंत्री आवास है, वहीं पर वह अधिकारी छिपा हुआ है।

उन्होंने कहा कि कोई अधिकारी तभी अच्छी पोस्टिंग पाता है जब वह मुख्यमंत्री का खास होता है। अधिकारी के करीब के रिश्ते हैं। उसका परिणाम क्या हुआ कि वह निवेश के बहाने अपना निवेश चला रहे थे, और याद रखना यह कमीशन का झगड़ा नहीं था, यह बंटवारे का झगड़ा था। सरकार को पता ही नहीं कि कब से बंटवारा हो रहा था?’

यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने खासम-खास अधिकारी के खिलाफ जांच का आदेश देना पड़ा। अगर एक अधिकारी भ्रष्ट है तो सोचो कितने अधिकारी भ्रष्ट होंगे। बता दें कि ‘इन्वेस्ट यूपी’ के मुख्य अधिशासी अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अफसर अभिषेक प्रकाश को 20 मार्च को एक निवेशक से रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।

सपा प्रमुख ने भ्रष्टाचार के प्रति ‘कतई न बर्दाश्त’ करने वाली भाजपा की नीति को ‘बकवास’ बताया। कहा कि भाजपा की सरकार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। ‘कतई न बर्दाश्त’ (Zero Tolerance) का जो नारा था वह बकवास है, क्योंकि मुख्यमंत्री जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) के बारे में जानते ही नहीं हैं।

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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग तहसीलों में सबसे ज्यादा जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। भाजपा के विधायक ही अपनी पार्टी के लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। अयोध्या में एक उप जिलाधिकारी ने शिवम यादव नामक एक व्यक्ति पर लगातार दबाव बनाया और गाली गलौज की। उसे इतना परेशान किया गया कि उसकी जान चली गई। इसके लिए कौन दोषी है?

सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपने गठन के आठ साल पूरे होने पर राज्य भर में कार्यक्रमों के आयोजन कराने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा, कि आठ साल में क्यों जाते हो? एक हफ्ते का ही हिसाब पूछ लो। उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा,कि पुलिस ने उनके ही एक विधायक (गाजियाबाद की लोनी सीट से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर) के कपड़े फाड़ दिए। आगरा के एक विधायक ने अपनी ही पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और फतेहपुर में भी भाजपा का एक नेता भाजपा के ही नेता पर आरोप लगा रहा है।

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