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AKTU 20th Convocation : आनंदीबेन पटेल ने दिया गुरूमंत्र, बोलीं-नीति, सत्य और ईमानदारी पर दृढ़ रहेंगे तो सफलता निश्चित है

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का 20वां दीक्षांत समारोह शनिवार को सम्पन्न हो गया। इस मौके पर स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के कुल 101 एक मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने दिया। 81 छात्र-छात्राओं को पीएचडी की डिग्री भी दी गयी।

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) का 20वां दीक्षांत समारोह (20th Convocation) शनिवार को सम्पन्न हो गया। इस मौके पर स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के कुल 101 एक मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने दिया। 81 छात्र-छात्राओं को पीएचडी की डिग्री भी दी गयी। पदक पाकर सभी मेधावियों के चेहरे खिल गये। इसके अलावा नारी शक्ति पुरस्कार, विशिष्ट पुरातन छात्र पुरस्कार प्रशासन और युवा पुरातन छात्र पुरस्कार उद्यमिता दिया गया।

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अच्छा समाज और देश बनाने में आपकी भूमिका है महत्वपूर्ण 

इस दौरान आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने कहा कि यह दीक्षांत आपके जीवन में नया अध्याय है। जो सम्मान और शिक्षा आपको मिली है उसका सही तौर पर इस्तेमाल करना सीखना होगा। कहा कि आपकी इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान माता पिता का है। इसलिए उनका आदर और सम्मान हमेशा करते रहना। साथ ही कहा कि एक छात्र जीवन से निकलकर अब आप समाज में जा रहे हैं। अच्छा समाज और देश बनाने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए सबसे जरूरी है कि आप एक बेहतर नागरिक बनिये।

जब आप स्वयं में अनुशासित रहेंगे तभी समाज में सकारात्मक योगदान दे सकेंगे

जब आप स्वयं में अनुशासित रहेंगे तभी समाज में सकारात्मक योगदान दे सकेंगे। आचार विचार और सोच को हमेशा प्रगतिवादी रखिये। उन्होंने पदक पाने वाले छात्रों और डिग्रीधारकों को गुरूमंत्र देते हुए कहा कि काम करने के दौरान कभी भी सत्य के मार्ग को मत छोड़ियेगा। इस दौरान संघर्ष भी करना पड़ेगा। तमाम दबाव भी आयेंगे। लेकिन जब आप अपनी नीति, सत्य और ईमानदारी पर दृढ़ रहेंगे तो सफलता निश्चित मिलेगी। यही आपकी पहचान बन जाएगी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी को जीवनसाथी बनाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें। साथ ही छात्रों को भी ताकीद किया कि हमेशा सच बोलना।

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अब समय आ गया है कि इस विचार से छात्र बाहर निकलें और नौकरी देने वाले बनें

उन्होंने सभी पदकधारियों और छात्रों को बधाई और शुभकामना दी। इस दौरान दीक्षांत भाषण देते हुए मुख्य अतिथि श्री जायडस लाइफसाइंस के चेयरमैन पंकज आर पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के छात्र सिर्फ नौकरी के बारे में क्यो सोचते हैं। अब समय आ गया है कि इस विचार से छात्र बाहर निकलें और नौकरी देने वाले बनें। कहा कि छात्रों को उद्यमिता और नवाचार के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। तभी वह खुद का और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों को लक्ष्य बनाकर उन पर रणनीतिक तरीके से चलना होगा। यह समय कुछ नया करने का है।

जब तक आप नया नहीं सृजित करेंगे तब तक पहचान नहीं बनेगी

बताया कि जब तक आप नया नहीं सृजित करेंगे तब तक पहचान नहीं बनेगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल  ने कहा कि पिछले कुछ समय से प्रदेश में उच्च शिक्षा के माहौल में सकारात्मक परिवर्तन आया है। शोध और नवाचार में तेजी से कार्य हुए हैं। इसी का नतीजा है कि प्रदेश के विश्वविद्यालय नैक की रैंकिंग में ए प्लस प्लस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राविधिक शिक्षा भी आगे बढ़ रही है। नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव किये जा रहे हैं। ऐसे में सभी को मिलकर कार्य करने की जरूरत है।

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इस दौरान उन्होंने मेडल प्राप्त छात्र-छात्राओं को शुभकामना दिया। कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इसके पहले शैक्षणिक शोभायात्रा निकाली गयी। कार्यक्रम की शुरूआत इस बार दीप प्रज्ज्वलन की बजाय कलश में जल भरने से की गयी। यह आयोजन जल संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए किया गया। साथ ही नीम करोली बाबा वेद विद्यालय के बटुकों ने स्वास्तिवाचन प्रस्तुत किया।

इस दौरान आनंदीबेन पटेल ने अनाथालय के बच्चों और अन्य गरीब बच्चों को बैग देकर सम्मानित किया। इस मौक पर सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न के रूप में पुस्तक भेंट की गयी। धन्यवाद कुलसचिव सचिन सिंह ने दिया।

इस मौके पर प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा सुभाष चंद शर्मा, प्रतिकुलपति प्रो. मनीष गौड़, उप कुलसचिव डॉ.आरके सिंह सहित डीन्स, डायरेक्टर और शिक्षक मौजूद रहे। वहीं, दीक्षांत समारोह में अलग-अलग पाठ्क्रमों के 48348 छात्रों को डिग्री दी गई। साथ ही स्नातक के 92 और एमटेक, एमफार्मा और एमआर्क के 9 मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक दिया गया, जबकि 81 छात्र-छात्राओं को पीएचडी अवार्ड हुई। आपको बता दें कि बीटेक के 31309, बीफार्मा के 5447, बीएचएमसीटी के 200, बीआर्क के 268, बीएफएडी के 57, बीडेस के 19, एमबीए के 8273, एमसीए के 2571, एमबीए आइएनटी के 52, एमसीए आइएनटी 40, पीएचडी के 81, बीवीवोसी के 16 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। इस मौके पर शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।

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