1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की है शाश्वत ज्योति : सीएम योगी

अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की है शाश्वत ज्योति : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने रविवार को 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों को अयोध्या की प्राचीन व नवीन तस्वीर से अवगत कराया। उन्होंने अयोध्या को लेकर पूर्ववर्ती सरकार को आईना दिखाया तो अपनी सरकार में किए गए कार्यों का उल्लेख भी किया।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने रविवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों को अयोध्या की प्राचीन व नवीन तस्वीर से अवगत कराया। उन्होंने अयोध्या को लेकर पूर्ववर्ती सरकार को आईना दिखाया तो अपनी सरकार में किए गए कार्यों का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति है, किंतु वर्ष 2017 से पहले यह दिव्य नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का तेजाबी दंश सहने के लिए विवश थी। श्रद्धालुओं की यात्रा कठिन, नगर की व्यवस्थाएं जर्जर और स्थानीय परिवारों की संभावनाएं सीमित थीं।

पढ़ें :- टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, बोलीं- ईवीएम लूटा, लोकतंत्र लूटा, संविधान लूटा

अयोध्यावासियों के घर-आंगन तक पहुंच रहा परिवर्तन का प्रकाश

पढ़ें :- ईडी कोर्ट में फूट-फूटकर रोये आजम खान, जज से हाथ जोड़कर बोले- सब कुछ हो खत्म गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या जी की प्राचीन गरिमा को आधुनिक विकास का नया विस्तार मिला है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लेकर रामपथ, धर्मपथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन तक, हर निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा एवं राम नगरी के गौरव से जुड़ा है। इस परिवर्तन का प्रकाश अयोध्या वासियों के घर-आंगन तक पहुंच रहा है। बढ़ता पर्यटन व्यापार को संबल दे रहा है, नए अवसर युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं और स्थानीय परिवार समृद्धि की नई आशाएं संजो रहे हैं।

विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिय नगरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी विकास की प्रतीक्षा करती अयोध्या आज अपनी विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है। असंख्य सनातनियों की आस्था, अस्मिता और आराधना का यह केंद्र आज ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करते हुए सांस्कृतिक चेतना और समृद्धि का उज्ज्वल प्रतीक बन गया है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...