लखनऊ : समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जेल से रिहा होने के तुरंत बाद मनी लॉन्ड्रिंग के एक नए मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान के वकील निजाम पाशा की ओर से मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की अपील पर संज्ञान लिया है और कहा है कि याचिका को इस सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
लखनऊ : समाजवादी पार्टी नेता आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जेल से रिहा होने के तुरंत बाद मनी लॉन्ड्रिंग के एक नए मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान के वकील निजाम पाशा की ओर से मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की अपील पर संज्ञान लिया है और कहा है कि याचिका को इस सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सपा नेता के वकील निज़ाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट के सामने पूर्व मंत्री आज़म खान की याचिका का ज़िक्र किया। इस याचिका में 29 अक्टूबर को ‘डुअल पैन कार्ड’ मामले में जेल से रिहा होने के “40 मिनट” बाद ही ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। खान ने 1 नवंबर के उस विशेष अदालत के आदेश को भी रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। साथ ही, उन्होंने फिलहाल हिरासत से रिहाई की भी अपील की है। CJI सूर्य कांत इस याचिका को इसी हफ्ते सूचीबद्ध (लिस्ट) करने के लिए सहमत हो गए हैं।
विशेष PMLA कोर्ट ने आजम खान को न्यायिक हिरासत में भेजा
जांच एजेंसी ने एक बयान जारी कर रविवार को कहा कि लखनऊ स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में, PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत 31.10.2026 को मोहम्मद आज़म खान को गिरफ्तार किया है। वे ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ के संस्थापक और रामपुर स्थित ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ के चांसलर हैं। गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।