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फरार कुलपति विनय पाठक खिलाफ CBI ने जांच की तेज, STF दफ्तर पहुंचकर अफसरों ने केस से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई

कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहे छत्रपति शाहू जी महाराज कानपुर यूनिवर्सिटी (Chhatrapati Shahu Ji Maharaj Kanpur University) के कुलपति प्रो. विनय पाठक (Vice Chancellor Vinay Pathak) के खिलाफ सीबीआई (CBI) ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच तेज कर दी है।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। कमीशनखोरी व भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहे छत्रपति शाहू जी महाराज कानपुर यूनिवर्सिटी (Chhatrapati Shahu Ji Maharaj Kanpur University) के कुलपति प्रो. विनय पाठक (Vice Chancellor Vinay Pathak) के खिलाफ सीबीआई (CBI) ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच तेज कर दी है। गुरुवार को सीबीआई मुख्यालय (CBI Headquarters) की ac-2 शाखा ने कानपुर विश्वविद्यालय (Kanpur University) के वीसी विनय पाठक (Vice Chancellor Vinay Pathak) के खिलाफ जांच शुरू कर दी।

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सीबीआई टीम (CBI Team) ने गुरुवार को गोमतीनगर स्थित एसटीएफ मुख्यालय (STF Headquarters at Gomtinagar) जाकर जांच शुरू करने से जुड़ी सारी औपचारिकताएं पूरी की। सीबीआई (CBI) ने एसटीएफ (STF) के अफसरों से मिलकर केस से जुड़ी अहम जानकारी भी ली। यही नहीं सीबीआई (CBI) ने विनय पाठक (Vinay Pathak)  व अजय मिश्रा के केस से जुड़े दस्तावेज भी ले लिए हैं।

बता दें कि विनय पाठक (Vinay Pathak) के खिलाफ प्रदेश सरकार की सिफारिश पर सीबीआई जांच (CBI Investigation) हो रही है। एजेंसी ने दो दिन पहले दिल्ली में विनय पाठक (Vinay Pathak) के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की थी। बता दें कि लखनऊ के इंदिरानगर थाने में 26 अक्टूबर को डिजिटेक्स टेक्नोलॉजीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Digitex Technologies India Private Limited) के एमडी डेविड एम. डेनिस ने FIR दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि ‘उनकी कंपनी वर्ष 2014 से एग्रीमेंट के तहत आगरा विश्वविद्यालय (Agra University)  में प्री और पोस्ट एग्जाम का काम करती रही है।

विश्वविद्यालय के एग्जाम पेपर छापना, कॉपी को एग्जाम सेंटर से यूनिवर्सिटी तक पहुंचाने का पूरा काम इसी कंपनी के द्वारा किया जाता रहा है। वर्ष 2019 में एग्रीमेंट खत्म हुआ तो डिजिटेक्स टेक्नोलॉजीज ने यूपीएलसी (UPLC) के जरिए आगरा विश्वविद्यालय (Agra University) का काम किया। इस बीच वर्ष 2020 से 2022 तक कंपनी के द्वारा किए गए काम का करोड़ों रुपये बिल बकाया हो गया था। इसी दौरान जनवरी 2022 में आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा (Ambedkar University Agra) के कुलपति का चार्ज प्रो. विनय पाठक (Vinay Pathak)   को मिला तो उन्होंने बिल पास करने के एवज में कमीशन की मांग की। इस मामले में एसटीएफ ने अभी तक तीन आरोपियों अजय मिश्रा, अजय जैन और संतोष सिंह को गिरफ्तार कर जेल में डाल चुकी है।

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