ओमान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि सल्तनत और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ने मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री आवाजाही के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने पर चर्चा शुरू कर दी है।
नई दिल्ली। ओमान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बताया कि सल्तनत और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ने मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री आवाजाही के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने पर चर्चा शुरू कर दी है। मंत्रालय एक्स पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने शनिवार अप्रैल को उप विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक बैठक की, जिसमें दोनों देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेषज्ञों ने भाग लिया। बयान में कहा गया कि चर्चा होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से आवाजाही के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के संभावित विकल्पों पर केंद्रित थी। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा गलियारा है, जिससे दुनिया की ऊर्जा शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है।
बैठक के दौरान, दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने क्षेत्र में स्थिरता और निर्बाध समुद्री आवाजाही बनाए रखने के उद्देश्य से कई प्रस्ताव और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। बयान में कहा गया कि इन प्रस्तावों पर और अध्ययन किया जाएगा। इससे पहले ईरानी उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने स्पुतनिक के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि इस्लामिक गणराज्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक नई नेविगेशन व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से एक मसौदा प्रोटोकॉल तैयार करने के अंतिम चरण में है। एक संयुक्त ढांचा बनाने के लिए ओमान के साथ चर्चा शुरू करने की योजना बना रहा है। इंटरव्यू के दौरान ग़रीबाबादी ने कहा कि इस प्रोटोकॉल का मसौदा अभी तैयारी के अंतिम चरण में है। एक बार जब यह तैयार हो जाएगा, तो हम ओमान के साथ बातचीत शुरू करेंगे ताकि हम एक संयुक्त प्रोटोकॉल का मसौदा तैयार कर सकें। उन्होंने संकेत दिया कि प्रस्तावित प्रोटोकॉल का उद्देश्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नेविगेशन को विनियमित करना है, जिसके लिए तेहरान एक आपसी सहमति वाला तंत्र विकसित करने हेतु ओमान से सहयोग मांग रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अगले सप्ताह बहरीन द्वारा प्रस्तावित एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान करने वाली है। यह प्रस्ताव सदस्य देशों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक रक्षात्मक साधनों का उपयोग करने का अधिकार देने की मांग करता है और यह सब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच हो रहा है। यह प्रस्ताव पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ते तनाव के माहौल में आया है।