सोनौली बॉर्डर पर ई-रिक्शा चालकों की दबंगई चरम पर, नियम ध्वस्त—पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: अंतरराष्ट्रीय व अतिसंवेदनशील सीमा होने के बावजूद सोनौली कस्बे में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि इनकी दबंगई के आगे स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों की कोई नहीं चल पा रही।
पिछले माह व्यापारियों की शिकायतों के बाद स्थानीय थाना कोतवाली में ई-रिक्शा और रेहड़ी वालों से बढ़ते जाम व सुरक्षा मुद्दों को लेकर बैठक हुई थी। बैठक में यह स्पष्ट रूप से तय किया गया था कि कस्बे के भीतर कोई भी ई-रिक्शा सवारी नहीं भरेगा, और इसके लिए टेम्पो स्टैंड भी चिन्हित किया गया। लेकिन चंद दिनों बाद ही यह नियम कागजों तक सिमटकर रह गया।
रामजानकी चौक व मस्जिद गली बनी अवैध ई-रिक्शा स्टैंड
आज हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि रामजानकी चौक के सामने मक्की मस्जिद वाली गली अवैध ई-रिक्शा स्टैंड में तब्दील हो चुकी है। लोग जब इनसे रास्ता खाली करने को कहते हैं तो मनमाना जवाब मिलता है—“जाओ पुलिस के पास।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ ई-रिक्शा चालक गुट बनाकर मारपीट तक की स्थिति पैदा कर देते हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण रहता है।
इसके चलते जाम, दुर्घटनाओं का खतरा और सुरक्षा संबंधी जोखिम तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
क्या पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी?
स्थानीय नागरिकों में चर्चा है कि आखिर पुलिस इस अव्यवस्था को कब कंट्रोल करेगी—
ई-रिक्शा चालकों को नियम तोड़ने पर ‘सम्मानित’ किया जाएगा या फिर कस्बे को राहत मिलेगी?
इस संबंध में कोतवाली प्रभारी महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया—
“ई-रिक्शा चालकों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।”