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दलित अपमान के आरोपों पर FIR, खड़गे रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर बेंगलुरु में SC-ST के तहत मामला दर्ज

हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ पर शुरू हुआ विवाद अब FIR तक पहुंच गया है। बेंगलुरु पुलिस ने महेंद्र भट्ट समेत कुछ बीजेपी नेताओं के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की है।

By Kalpna Pandey 
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Kharge Uttarakhand Purification: उत्तराखंड के हल्द्वानी से शुरू हुआ ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब कर्नाटक तक पहुंच गया है और इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद सियासी टकराव और बढ़ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद कथित तौर पर रैली स्थल के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। कांग्रेस ने इस घटना को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए बीजेपी पर निशाना साधा था। अब इसी मामले में बेंगलुरु की विधान सौध पुलिस ने उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है।

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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खड़गे की मौजूदगी के बाद रैली स्थल पर शुद्धिकरण की प्रक्रिया कराई गई, जिसे जातिगत भेदभाव के तौर पर देखा गया। मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि खड़गे ने इस विवाद को लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। खड़गे ने सवाल उठाया था कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ FIR क्यों नहीं दर्ज की गई।

अब बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज होने के बाद इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के बाद किए गए कथित शुद्धिकरण से खड़गे का ही नहीं, बल्कि दलित समाज का अपमान हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए बीजेपी पर हमला बोला है।वहीं, इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप पहले से ही तेज हैं। विवाद के बीच राहुल गांधी ने भी कथित शुद्धिकरण को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर सवाल उठाए थे और कार्रवाई की मांग की थी।

अब इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा अपडेट ये है कि जिस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार FIR की मांग कर रही थी, उसमें बेंगलुरु पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर ली है। जीरो FIR का मतलब है कि शिकायत किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज की जा सकती है, भले ही घटना उस थाना क्षेत्र में न हुई हो। इसके बाद मामले को संबंधित क्षेत्र की पुलिस को जांच के लिए भेजा जा सकता है।

फिलहाल, बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक शिकायत को आगे की जांच के लिए उत्तराखंड भेजा जा रहा है।

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