भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध मार्च 2020 से लागू प्रतिबंधों पर ढ़ील देने का फैसला किया है। इसके बाद अब एक बार फिर से नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (International Flights) जल्द शुरू कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार 15 दिसंबर से रेगुलर बेस पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flight Resumption) की अनुमति दे सकती है।
नई दिल्ली। भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध मार्च 2020 से लागू प्रतिबंधों पर ढ़ील देने का फैसला किया है। इसके बाद अब एक बार फिर से नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (International Flights) जल्द शुरू कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार 15 दिसंबर से रेगुलर बेस पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flight Resumption) की अनुमति दे सकती है। हालांकि उन देशों के लिए उड़ानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा जहां कोरोना वायरस का संक्रमण (Covid-19 Infection) अभी भी फैला हुआ है। इससे पहले बुधवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) की तरफ से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया था।
सूत्रों ने कहा कि लगभग 14 ऐसे देश हैं, जो उड़ानों (International flight services) के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। वहीं कोरोना के मामलों के फिर से बढ़ने की वजह से उन सभी देशों में अभी भी प्रतिबंध लागू रहेगा। प्रतिबंधित देशों की लिस्ट में यूरोपीय संघ और कुछ अन्य देश भी शामिल हैं। जहां कोरोना के नए संस्करण का पता चला है। सरकार की तरफ से पहले ही कहा जा चुका है कि इस साल के अंत तक कोविड की वजह से उड़ानों (international flight news) पर लगा प्रतिबंध हटा लिया जाएगा।
पर्यटन उद्योग बना रहा सरकार पर दबाव
बता दें कि निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध मार्च 2020 से लागू है। अब सरकार कोविड की स्थिति को भांपते हुए धीरे धीरे उड़ानों से प्रतिबंध हटाने पर फैसला ले रही है। इस बीच पर्यटन उद्योग पर सरकार पर उड़ानों से प्रतिबंध हटाने का दबाव बना रही है। पर्यटन उद्योग ने उन देशों के लिए उड़ानें शुरू करने का अनुरोध किया है जहां कोरोना नियंत्रण में है।
सरकार ने पहले पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 15 अक्टूबर से चार्टर्ड प्लेन से पर्यटकों को आने की अनुमति दी थी। अब इसके बाद 15 नवंबर से अंतराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया था। हालांकि यूरोप और कई देशों में कोरोना संक्रमण के दोबारा रफ्तार पकड़ने की वजह से उड़ानें शुरू नहीं हो सकी थीं।