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ईरान में ‘हमदम’ के जरिए सरकार बढ़ायेगी युवाओं में आकर्षण,इस समस्या का निकलेगा हल

आबादी का मामला इन दिनों विश्व के कुछ देशों के लिए चर्चा का विषय है। कुछ देश आबादी बढ़ने से परेशान है तो कुछ देश आबादी बढाने के लिए तरह तरह के उपाय अपना रहे है। बात करते हैं ईरान की तो वहां की सरकार पिछले कुछ सालों में ईरान जन्म दर कम होने की समस्या जूझ रही है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Iran Facing The Problem Of Low Birth Rate Launched Humdum App

तेहरान: आबादी का मामला इन दिनों विश्व के कुछ देशों के लिए चर्चा का विषय है। कुछ देश आबादी बढ़ने से परेशान है तो कुछ देश आबादी बढाने के लिए तरह तरह के उपाय अपना रहे है। बात करते हैं ईरान की तो वहां की सरकार पिछले कुछ सालों में ईरान जन्म दर कम होने की समस्या जूझ रही है। दूसरे देशों के मुकाबले वहां जन्म दर काफी कम हो गया है। जिसको लेकर ईरान की सरकार ने एक नया नुस्खा निकाला है।. जन्म दर बढ़ाने के लिए ईरान सरकार ने ‘मैच मेकिंग एप’ को लॉन्च किया है, ताकि युवाओं में आकर्षण बढ़ सके, वो एप के जरिए अपने लिए सही जीवन साथी चुन सके और फिर ईरान की आबादी को बढ़ाई जा सके।

पढ़ें :- असम सरकार की 'जनसंख्या सेना' मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जन्म दर को ऐसे करेगी कंट्रोल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस एप का नाम ‘हमदम’ है। इसे सरकार के इस्लामिक सांस्कृतिक निकाय ने बनाया है. यह एप संभावित जोड़ों, उनके परिवारों को मैचिंग और परामर्श सेवाएं प्रदान करता है। इसके साथ ही शादी के चार साल बाद तक जोड़े के संपर्क में रहता है। ईरान में इस्लामी कानून के तहत पश्चिम शैली की डेटिंग पर पाबंदी है। लेकिन कई युवा पारंपरिक तरीके विवाह करना पसंद नहीं करते। ईरानी महिलाओं में प्रजनन दर पिछले 4 साल में 25 प्रतिशत कम हुई है। यहां प्रजनन दर प्रति महिला 1.7 बच्चे हैं। ईरान ने एक दशक पहले अपनी परिवार नियोजन नीतियों को उलटना शुरू कर दिया था। इससे देश में गर्भनिरोधक प्राप्त करना कठिन हो गया था।

2014 में ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खमेनेई ने एक आदेश में कहा था कि जनसंख्या को बढ़ावा देने से राष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी। पश्चिमी जीवन शैली के अवांछित पहलुओं से मुकाबला किया जा सकेगा। इसके बाद ईरानी संसद ने शादियों और बच्चों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए कर्ज और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दिए।

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