1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. काशी अन्नपूर्णा मठ के महंत रामेश्वर पुरी का निधन, 11 जून को बिगड़ी थी तबीयत

काशी अन्नपूर्णा मठ के महंत रामेश्वर पुरी का निधन, 11 जून को बिगड़ी थी तबीयत

काशी अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी को लेकर बड़ी खबर आई है। जी दरअसल उन्होने बीते शनिवार को बनारस स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मिली जानकारी के तहत उनके निधन की जानकारी जैसे ही सामने आई वैसे ही संत समाज, काशी के अखाड़ों और काशीवासियों में शोक की लहर दौड़ गई।

By आराधना शर्मा 
Updated Date

Mahant Rameshwar Puri Of Kashi Annapurna Math Died Health Deteriorated On June 11

उत्तर प्रदेश: काशी अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी को लेकर बड़ी खबर आई है। जी दरअसल उन्होने बीते शनिवार को बनारस स्थित एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मिली जानकारी के तहत उनके निधन की जानकारी जैसे ही सामने आई वैसे ही संत समाज, काशी के अखाड़ों और काशीवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। 67 साल के रामेश्वर पुरी के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मंदिर लाया गया। आज यानी रविवार की सुबह अंतिम यात्रा मंदिर प्रांगण से निकलेगी।

पढ़ें :- वो कार्टूनिस्ट जिसकी कलाकारी ने दुनिया में आग लगा दी थी, अलविदा कह दिया कलाकार ने सबको

आपको बता दें, आप सभी को बता दें कि हरिद्वार कुंभ स्‍नान के दौरान वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे और वहां से नई दिल्‍ली में इलाज कराने के बाद लखनऊ आ गए थे। वही इसके बाद ठीक होकर वह अन्‍नपूर्णा मंदिर में रह रहे थे। वही 11 जून को दोबारा उनकी सेहत खराब हो गई और इस वजह से मेदांता लखनऊ ले जाकर दोबारा उन्हें भर्ती कराना पड़ा था। करीब दस दिनों से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी।

उसके बाद डॉक्टरों के जवाब देने के बाद बीते शुक्रवार की रात उन्हें मेदांता से लाकर बनारस स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद बीते शनिवार को दोपहर 3:30 बजे उन्होंने मां भगवती का नाम लेते हुए शरीर का त्याग कर दिया। आपको बता दें कि साल 2004 में तत्कालीन महंत त्रिभुवन पुरी के निधन के बाद रामेश्वर पुरी को 17 अक्टूबर 2004 में महानिर्वाणी अखाड़े से संबद्ध श्री अन्नपूर्णा मठ मंदिर की महंती दी गई थी। वही उनके नेतृत्व में काशी अन्नपूर्णा अन्न क्षेत्र ट्रस्ट निरंतर समाज सेवा क्षेत्र में विस्तार पा रहा। जी दरअसल उनके महंत बनने के समय अन्नक्षेत्र के रूप में ट्रस्ट का सिर्फ एक प्रकल्प संचालित था।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...
X