1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. मोदी जी को सबसे पहले अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए, जिन्होंने करोड़ों युवाओं के भविष्य को किया है Block: खरगे

मोदी जी को सबसे पहले अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए, जिन्होंने करोड़ों युवाओं के भविष्य को किया है Block: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, मोदी सरकार ने NEET परीक्षा के Re-Exam के लिए Telegram को Temporary Block कर दिया है। मोदी जी को सबसे पहले अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए, जिन्होंने करोड़ों युवाओं के भविष्य को Block कर रखा है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। NEET परीक्षा के Re-Exam को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इस बीच खबर आ रही है कि, केंद्र सरकार ने परीक्षा को लेकर Telegram को Temporary Block कर दिया है। इसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए, जिन्होंने करोड़ों युवाओं के भविष्य को ब्लॉक किया है।

पढ़ें :- NEET री-एग्जाम से पहले भारत में टेलीग्राम बंद, 22जून तक एप काम नहीं करेगा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, मोदी सरकार ने NEET परीक्षा के Re-Exam के लिए Telegram को Temporary Block कर दिया है। मोदी जी को सबसे पहले अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए, जिन्होंने करोड़ों युवाओं के भविष्य को Block कर रखा है।

भारतीय वायु सेना को इस्तेमाल करना हो, Telegram को Block करना हो या फ़िर छोटी मछलियों को पकड़कर पेपर लीक माफ़िया को बचाना हो-ये सब मोदी सरकार को इसलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि पिछले 10 वर्षों में 90 पेपर लीक हुए हैं, और 9 करोड़ युवा इस धांधली और भ्रष्टाचार को भुगत रहे हैं। अपनी नाकामियों पर भला कब तक पर्दा डालेगी ये सरकार?

खरगे ने आगे लिखा, क़रीब आधा दर्जन युवाओं ने मजबूरन अपनी जान ले ली है। मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोलते हैं। कितने ही ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनके माता-पिता ने लोन लेकर वर्षों भर्ती-परीक्षा की तैयारी करवाई। और फिर एक के बाद एक NEET, SSC, UGC-NET, CUET, आदि के पेपर लीक हो जाते हैं। हालत ये हो गई है कि CBSE के परिणाम में इतनी धांधली की गई कि हमारे 17-18 वर्ष के होनहार छात्रों को इस सरकार का पर्दाफ़ाश करना पड़ा।

अब UPSC की परीक्षा भी, जो विश्वसनीयता का सर्वश्रेष्ठ प्रतीक मानी जाती थी, इल्ज़ामों के घेरे में आ गई है। देश का जागरूक युवा बस एक ही माँग कर रहा है-धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, जो की जवाबदेही की पहली परीक्षा हो गई। अफ़सोस की बात ये है कि भाजपा इस परीक्षा में पूरी तरफ FAIL हो गई है।

पढ़ें :- मल्लिकार्जुन खरगे से राहुल गांधी का होने लगा मोहभंग? कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...