अमेरिकी टेक दिग्गज ओरेकल (American Tech Giant Oracle) ने 31 मार्च 2026 को वैश्विक स्तर पर 20-30 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर दी है, जिसमें 12,000 भारतीय शामिल हैं।
Oracle Lays Off : अमेरिकी टेक दिग्गज ओरेकल (American Tech Giant Oracle) ने 31 मार्च 2026 को वैश्विक स्तर पर 20-30 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर दी है, जिसमें 12,000 भारतीय शामिल हैं। रिकॉर्ड 17.2 बिलियन डॉलर रेवेन्यू के बावजूद कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के सुबह 6 बजे ईमेल भेजकर लोगों को निकाल दिया। हालांकि कुल संख्या के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन छंटनियों को कंपनी की रणनीति में एक बड़े बदलाव के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, खासकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और डेटा केंद्रों (Data Centers) पर इसके बढ़ते ध्यान के संदर्भ में।
सहकर्मियों को विदाई देने तक का मौका नहीं मिला
ओरेकल के कर्मचारियों को “Oracle Leadership” की ओर से मिले एक संक्षिप्त ईमेल में बताया गया कि उनकी पोजीशन खत्म कर दी गई है। इस digital age की छंटनी इतनी क्रूर थी कि मेल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर कर्मचारियों के लैपटॉप और सिस्टम एक्सेस ब्लॉक कर दिए गए। न कोई एचआर राउंड हुआ, न ही मैनेजरों को पहले से इसकी जानकारी थी। सोशल मीडिया पर प्रभावित कर्मचारियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्हें अपनी बात रखने या सहकर्मियों को विदाई देने तक का मौका नहीं मिला।
कटौती की चपेट में आए कई देश
इस ग्लोबल छंटनी का सबसे बड़ा केंद्र भारत बना है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत से 12,000 लोग अपनी नौकरी गवां चुके हैं। प्रभावित होने वाले अधिकांश लोग कंपनी के ‘Cloud System’ विभाग से जुड़े थे। भारत ओरेकल के लिए एक प्रमुख टैलेंट हब रहा है, लेकिन क्लाउड और एआई की ओर बढ़ते बदलाव के बीच कंपनी ने अपने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मैनपावर को कम करने का फैसला किया है। अमेरिका सहित कई अन्य देशों के Software Engineers भी इस कटौती की चपेट में आए हैं।
छंटनी के प्रमुख कारणों में से एक ऑरेकल का Artificial Intelligence के बुनियादी ढांचे में आक्रामक विस्तार है। खबरों के अनुसार, कंपनी ने मुख्य रूप से OpenAI के लिए पांच वर्षों में AI Data Center बनाने के लिए 156 बिलियन डॉलर का सौदा किया है।