1. हिन्दी समाचार
  2. सेहत
  3. कोरोना की दूसरी लहर से बचने के लिए ऐसे तैयार करें ‘इम्‍युनिटी बूस्‍टर’

कोरोना की दूसरी लहर से बचने के लिए ऐसे तैयार करें ‘इम्‍युनिटी बूस्‍टर’

देश में कोरोना की दूसरी लहर विकराल और खौफनाक रूप ले लिया है। कोरोना के बढ़ते मामले लोगों के दिलों में दहशत पैदा कर दी। बुधवार को देश में संक्रमितों की संख्या 2 लाख के करीब पहुंच चुकी है,

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर विकराल और खौफनाक रूप ले लिया है। कोरोना के बढ़ते मामले लोगों के दिलों में दहशत पैदा कर दी। बुधवार को देश में संक्रमितों की संख्या 2 लाख के करीब पहुंच चुकी है, जो हर किसी के लिए चिंता की बात है। जिन राज्‍यों में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं उनमें महाराष्‍ट्र सबसे ऊपर है। ऐसे में आयुष मंत्रालय ने लोगों को इससे बचाव के लिए पारपंरिक नुस्‍खा इस्‍तेमाल करने की हिदायत दी है।

पढ़ें :- गिलोय को लिवर की खराबी से जोड़ना बिलकुल भ्रामक : आयुष मंत्रालय

मंत्रालय की तरफ से कहा है कि लोग जितना अधिक हो सके घर में काढ़ा बनाकर पिएं और हल्‍दी का प्रयोग करें। साथ लोगों को च्‍यवनप्राश खाने की भी सलाह दी गई है। आयुष मंत्रालय का ये भी कहना है कि पिछले वर्ष जब कोरोना महामारी चरम पर थी, तब भारतीयों ने बड़ी संख्‍या में इन पारंपरिक चीजों का सेवन किया था और महामारी के प्रति अपनी इम्‍यूनिटी को बूस्‍ट किया था। ऐसे में अब भी लोगों को वही उपाय अपनाकर इस महामारी को हराने के लिए प्रयास करने होंगे।

हम सभी ये बात बेहतर तरीके से जानते हैं कि आयुष ने जो उपाय सुझाए हैं, वो सभी वास्‍तव में इम्‍यूनिटी बूस्‍टर हैं। अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर घर में अपना इम्‍यूनिटी बूस्‍टर बनाएं कैसे। इसका जवाब हम आपको देते हैं, लेकिन इससे पहले आपको बता देते हैं कि मंत्रालय ने जिस हल्‍दी के सेवन की बात कही है वो आयुर्वेद के नुस्‍खों में बड़ी कारगर चीज है। ये न सिर्फ इम्‍यूनिटी बूस्‍टर होती है, बल्कि ये एक नेचुरल लिवर डिटॉक्सीफायर भी है। कई तरह के शरीर में होने वाले इंफेक्‍शन से लड़ने में ये कारगर है। भारत में पैदा होने वाली हल्‍दी में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला रासायनिक पदार्थ करक्यूमिन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसको हर जगह पसंद किया जाता है। इंसान को करक्‍यूमिन की दिन में करीब 500 से 1000 मिलीग्राम की जरूरत होती है, जिसको ये पूरा करती है।

ये न सिर्फ शरीर में होने वाले दर्द और थकान को दूर करती, बल्कि सांस संबंधी परेशानियों को दूर करने में भी काफी कारगर भूमिका निभाती है। इसके एक नहीं कई फायदे हैं। ये एंटीसेप्टिक भी है। आयुष मंत्रालय के साथ हुए एक वेबिनार में मशहूर सेलिब्रिटी शेफ संजय कपूर ने बताया था कि इसको दूध में मिलाकर पीने से कई तरह के फायदे होते हैं। उनके मुताबिक, दूध में यदि एक चुटकी पिसी हुई काली मिर्च डाल दी जाए तो न सिर्फ उसका स्‍वाद बढ़ जाता है, बल्कि ये आपकी इम्‍यूनिटी को भी बूस्‍ट करने में सहायक साबित होती है।

अब बात करते हैं घर में बनाए काढ़े की। आयुष के मुताबिक, इसके लिए आप घर में मौजूद कुछ चीजों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। जैसे जीरा, अजवायन, पीपल, काला नमक, हल्‍दी, लौंग, गिलोय, अदरक, सौंठ, तुलसी के पत्‍ते और काली मिर्च। इन सभी को डेढ़ से दो लीटर पानी में कूटकर या ऐसे भी डालकर अच्‍छे से उबाल लिजिए। जब पानी पक जाएगा तो उसका रंग हल्‍का ब्राउन हो जाएगा। इस पानी को ठंडा कर लीजिए और दिन में चार पांच बार थोड़ा-थोड़ा करके पी लिजिए। साधारण से दिखाई देने वाले इस पानी में ऐसे लाभकारी गुण मौजूद हैं जो आपको कोरोना वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता प्रदान कर सकते हैं।

पढ़ें :- हल्दी के स्वास्थ्य लाभ जान रह जाएंगे दंग, कई समस्याओं के लिए है रामबाण

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...