Samrat Cabinet Expansion: पिछले दिनों बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार फ्लोर टेस्ट पास करने में सफल रही थी। जिसके बाद अब नई सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार की चर्चा शुरू हो गयी है। सम्राट सरकार का कैबिनेट विस्तार अगले महीने की शुरूआत में होने की पूरी संभावना है।
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एनडीए से जुड़े सूत्रों की मानें तो बिहार में का कैबिनेट विस्तार मई से पहले सप्ताह में हो सकता है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बिहार में कैबिनेट विस्तार कर दिया जाएगा। जिसमें भाजपा और जेडीयू के साथ-साथ एलजेपी-आर, हम और आरएलएम जैसे सहयोगी दलों से मंत्री बनाए जाने की अटकलें हैं।
किस दल से होंगे कितने मंत्री?
नीतीश कुमार के इस्तीफे से पहले पिछली सरकार में सीएम जेडीयू और भाजपा से दो डिप्टी सीएम थे। लेकिन, जब भाजपा के सम्राट चौधरी सीएम बनें तो जेडीयू के दो डिप्टी सीएम ने शपथ ली। माना जा रहा है कि नई सम्राट कैबिनेट का स्वरूप पूर्व की नीतीश कैबिनेट जैसा ही रहेगा। ऐसे में पिछली सरकार जितने ही हर दल से नए कैबिनेट में भी मंत्री रहने की संभावना है।
गठबंधन की सरकार में तय फार्मूले के अनुसार, हर 5-6 विधायकों पर नीतीश सरकार में एक मंत्री बनाया गया था। हालांकि, विधायकों की संख्या के आधार पर जेडीयू ने कैबिनेट में अपने कोटे के पूरे पद नहीं भरे थे। एलजेपी-आर से भी एक पद खाली था। भाजपा, हम और रालोमो ने अपना कोटा लगभग पूरा कर लिया था। नई सरकार में पुराना फॉर्मूला लागू होने की अटकलें हैं।