उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदन के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना अपने ही पार्टी के विधायकों पर भड़क गए। सतीश महाना ने गुस्से में आकर अपना माईक और हेड़फोन फेक कर सदन से बाहर चले गए। पूरे मामले का वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदन के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना अपने ही पार्टी के विधायकों पर भड़क गए। सतीश महाना ने गुस्से में आकर अपना माईक और हेड़फोन फेक कर सदन से बाहर चले गए। पूरे मामले का वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बाहर जाने से पहले उन्होने भाजपा विधायक केतकी सिंह को कहा क्या आप चलाएंगी सदन।
यूपी विधानसभा में अजब हो गया। कार्यवाही के दौरान सतीश महाना बीजेपी विधायकों पर भड़क गए। केतकी सिंह का नाम लेते हुए कहा कि क्या आप हाउस चलाएंगी क्या? इसके बाद माइक फेंककर चल दिए।
असल सपा विधायक रागिनी सोनकर युवाओं से जुड़े मसलों पर सवाल कर रही थी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने… pic.twitter.com/ILFHeMkYLq
— Rajesh Sahu (@askrajeshsahu) February 13, 2026
बता दे कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में सदन के दौरान लोक सेवा आयोग से जुड़ी भर्तियों के मुद्दो को लेकर चर्चा चल रही थी। इस दौरान समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर सवाल उठाया, जिस पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उस सवाल का जवाब दिया। जवाब खत्म होने के बाद रागिनी फिर से कुछ पूछने लगीं, जिस पर भाजपा विधायकों ने टोका-टोकी और शोर मचाना शुरू कर दिया। इस शोर-शराबे से नाराज होकर स्पीकर सतीश महाना ने सीधे भाजपा विधायक केतकी सिंह का नाम लेकर कहा कि अब आप हाउस चलाओगी। क्या आप सब लोगों को हाउस चलाना है क्या। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गुस्से में आकर हेडफोन और माइक फेंक दिया और कुर्सी से उठकर सदन से बाहर चले गए। बता दे कि सतीश महाना भाजपा के वरिष्ठ नेता है और कानपुर नगर के महराजपुर विधानसभा से भाजपा के विधायक भी है। सतीश महाना सदन में आमतौर पर सख्त अनुशासन बनाए रखते हैं, लेकिन इस बार अपनी ही पार्टी के विधायकों पर भड़क गए। इससे पहले भी सतीश महाना अपनी ही पार्टी के विधायको पर नाराज हो चुकी है। वहीं सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां स्पष्ट दिख रहा है कि महाना गुस्से में नाम लेते हैं और फिर माइक फेंककर जाते हैं। यह बजट सत्र के दौरान अनुशासन और सदन की कार्यवाही को लेकर तनाव का संकेत देता है। यह पूरी घटना सदन की गरिमा और अनुशासन पर सवाल उठा रही है, लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान स्पीकर की तरफ से नहीं आया है।