नागपुर: मोबाइल स्क्रीन पर चमकता हुआ एक छोटा सा विज्ञापन, बिना किसी कागजी कार्रवाई के चंद मिनटों में 15 हजार रुपये का इंस्टेंट लोन मिलने का लुभावना दावा और उसके बाद शुरू होता था डिजिटल ब्लैकमेलिंग का एक ऐसा खौफनाक खेल जो सीधे पीड़ित को जाल में फंसा लेता था।
