लखनऊ । भारतीय नववर्ष प्रकृति विज्ञान व देश काल के विज्ञान पर आधारित है कि किस प्रकार सूर्य की गति से और देश काल की सापेक्षता से जीवन आगे बढ़ता है। समय की यात्रा करती हुई प्रकृति किस तरह पुनर्नवा होकर स्वयं को नवीन करती हुई जीवन का पोषण करती
लखनऊ । भारतीय नववर्ष प्रकृति विज्ञान व देश काल के विज्ञान पर आधारित है कि किस प्रकार सूर्य की गति से और देश काल की सापेक्षता से जीवन आगे बढ़ता है। समय की यात्रा करती हुई प्रकृति किस तरह पुनर्नवा होकर स्वयं को नवीन करती हुई जीवन का पोषण करती
लखनऊ। विश्व कल्याण के लिए प्राणिमात्र को सनातन की तरफ लौटना ही पड़ेगा और इसके लिए पौराणिक और वैज्ञानिक मान्यताओं पर आधारित पिंगल नवसंवत्सर निश्चित ही एक संकल्प के तौर पर आज के परिवेश में प्रदर्शित हो रहा है। चूँकि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के 84वें वंशज सम्राट विक्रमादित्य के द्वारा
लखनऊ। भारतीय नववर्ष (Indian New Year) का जन-जन के बीच प्रचार-प्रसार और वैश्विक स्तर पर स्थापना हेतु प्रत्येक वर्ष की भाँति इस बार खाटूश्यामजी मंदिर पर भारतीय नव वर्ष (Indian New Year) की पूर्व संध्या पर दीप प्रज्ज्वलित कर नववर्ष का स्वागत किया गया। दो दिवसीय आयोजन में दीपदान एवं
लखनऊ। भारतीय नववर्ष का जन-जन के बीच प्रचार-प्रसार और वैश्विक स्तर पर स्थापना हेतु प्रत्येक वर्ष की भाँति इस बार खाटूश्यामजी मंदिर पर दो दिवसीय आयोजन में दीपदान एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाएगा। इन आयोजनों के डेढ़ दशक की यात्रा का वार्षिक पत्रिका नवचैतन्य का लोकार्पण भी किया जाएगा।