Judiciary News in Hindi

जंतर-मंतर बवाल पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी नसीहत- ‘लाठी-गोली नहीं, युवाओं को काउंसलिंग की जरूरत’

जंतर-मंतर बवाल पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी नसीहत- ‘लाठी-गोली नहीं, युवाओं को काउंसलिंग की जरूरत’

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले के खिलाफ हुए हालिया छात्र प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश ‘सूर्यकांत’ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया

चलने के लिए दो लोगों का सहारा… पर 34 साल पुराना गुनाह नहीं भूला कानून: बिहार के 84 वर्षीय बुजुर्ग को हुई जेल

चलने के लिए दो लोगों का सहारा… पर 34 साल पुराना गुनाह नहीं भूला कानून: बिहार के 84 वर्षीय बुजुर्ग को हुई जेल

वैशाली,बिहार: कहते हैं कानून के हाथ लंबे होते हैं और वो तब तक पीछा नहीं छोड़ते जब तक इंसाफ न हो जाए। बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो इस बात की जीती-जागती मिसाल है। जिस 84 साल की उम्र में लोग

कोर्ट भवन न्याय का मंदिर होना चाहिए, न कि सात सितारा होटल- मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई

कोर्ट भवन न्याय का मंदिर होना चाहिए, न कि सात सितारा होटल- मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई

नई दिल्ली। देश के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई (Chief Justice of India Bhushan Gavai) ने कहा कि कोर्ट का भवन लोकतांत्रिक मूल्यों (The court building is based on democratic values) और जनता की सेवा की भावना को दर्शाना चाहिए, न कि वैभव और विलासिता को नहीं। यह बात मुख्य न्यायाधीश

CJI गवई ,बोले -जब लोकतंत्र के तीनों स्तंभ साथ काम करेंगे, तभी साकार होंगे संविधान के सिद्धांत

CJI गवई ,बोले -जब लोकतंत्र के तीनों स्तंभ साथ काम करेंगे, तभी साकार होंगे संविधान के सिद्धांत

मुंबई। देश के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई (Chief Justice Bhushan Gavai) ने बुधवार को कहा कि लोकतंत्र के तीन स्तंभ कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका हैं। ये सभी नागरिकों के कल्याण के लिए अस्तित्व में हैं। कोई भी संस्था अलग-थलग रहकर कार्य नहीं कर सकती। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि