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पहली की गलतियों से सबक लेते हुए सरकार कोरोना की तीसरी लहर की करे तैयारी : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता सांसद राहुल गांधी कोविड-19 पर इस श्वेत पत्र का उद्देश्य सरकार पर उंगली उठाना नहीं है, बल्कि देश को संक्रमण की तीसरी लहर के लिए तैयार करने में मदद करना है। पूरा देश जानता है कि तीसरी लहर आएगी। पूरा देश जानता है कि तीसरी लहर आएगी। राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार थम गई है।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सांसद राहुल गांधी कोविड-19 पर इस श्वेत पत्र का उद्देश्य सरकार पर उंगली उठाना नहीं है, बल्कि देश को संक्रमण की तीसरी लहर के लिए तैयार करने में मदद करना है। पूरा देश जानता है कि तीसरी लहर आएगी। राहुल गांधी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर का प्रबंधन विनाशकारी था, और हमने इसके पीछे के कारणों को इंगित करने का प्रयास किया है। मैं यहां तक कहूंगा कि कोविड की तीसरी लहर के बाद भी लहरें हो सकती हैं क्योंकि वायरस उत्परिवर्तित हो रहा है।

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कोरोना पर श्वेत पत्र जारी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मोदी सरकार के लिए चार बिंदुओं के जरिए तैयारी करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर आने वाली है। सरकार को इसके खिलाफ तैयारी करनी होगी। राहुल गांधी ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान बिस्तर, ऑक्सीजन और मेडिकल उपकरणों की सप्लाई नहीं हो पाई थी, वह तीसरी लहर आने से पहले करनी चाहिए। इसके अलावा गरीबों के खातों में सीधा पैसा जाए, ताकि वो इस महामारी से लड़ सकें। इसके अलावा जिन लोगों ने कोरोना की वजह से अपनों को खोया है, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि अस्पतालों में पहले से इंतजार कर लेने चाहिए और सरकार ने दूसरी लहर में जो गलतियां की हैं, तीसरी लहर में उससे बचना चाहिए।

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राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार थम गई है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान तेज हो गया है, लेकिन जिस अनुपात में लोगों का वैक्सीनेशन होना चाहिए वह नहीं हो पा रहा है।  कोरोना को लेकर सरकार की बनाई नीतियों के खिलाफ  मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार घेरती आ रही है।

 

इसी कड़ी में मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सुबह 11 बजे कोरोना वायरस को लेकर श्वेत पत्र जारी किया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार की महामारी से निपटने में विफलताओं को उजागर किया। बता दें कि बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार हमलावर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भी मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की।  उन्होंने बिना किसी का नाम लिए खास अंदाज़ में सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने ट्विटर पर हैशटैग के साथ लिखा कि ये योग दिवस है, न कि योग दिवस की आड़ में छिपने का दिन।

4 लाख की सहायता राशि नहीं देने पर सरकार पर सवाल

बीते दिन राहुल गांधी ने कोरोना महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने में केंद्र की ओर से असमर्थता जताए जाने पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा । राहुल गांधी ने ट्वीट किया  ‘जीवन की कीमत लगाना संभव नहीं है, सरकारी मुआवजा सिर्फ एक छोटी सी सहायता होती है, लेकिन मोदी सरकार यह भी करने को तैयार नहीं।’ राहुल ने ट्वीट में आगे लिखा  कि कोविड महामारी में पहले इलाज की कमी, फिर झूठे आंकड़े और ऊपर से सरकार की यह क्रूरता।

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