Bihar Rajya Sabha Elections Result: राज्यसभा की 37 खाली सीटों के लिए सोमवार को वोटिंग हुई। इस दौरान कई राज्यों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि ओडिशा, बिहार और हरियाणा में वोटिंग की जरूरत पड़ी। जहां बिहार की पांच राज्यसभा सीटें सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहीं। इन सभी सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की तो आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी गठबंधन पर सीधे तौर पर 'हॉर्स ट्रेडिंग' का आरोप लगाया। जिस पर जेडीयू नेता ललन सिंह ने पलटवार किया है।
Bihar Rajya Sabha Elections Result: राज्यसभा की 37 खाली सीटों के लिए सोमवार को वोटिंग हुई। इस दौरान कई राज्यों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि ओडिशा, बिहार और हरियाणा में वोटिंग की जरूरत पड़ी। जहां बिहार की पांच राज्यसभा सीटें सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहीं। इन सभी सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की तो आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी गठबंधन पर सीधे तौर पर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का आरोप लगाया। जिस पर जेडीयू नेता ललन सिंह ने पलटवार किया है।
राज्यसभा चुनावों में RJD नेता तेजस्वी यादव के ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के आरोपों पर, केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव को पहले अपने घर में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव को कुछ तो कहना ही है। उन्हें पहले अपने घर में झांकना चाहिए। वह अपने घर को सुरक्षित रखने में नाकाम रहे हैं और दूसरों पर आरोप लगाते हुए, सबको एक होटल में बंद करके रखा। उन्हें आत्मचिंतन करना चाहिए। बिहार की जनता ने उन्हें नकार दिया है। लालू का राज खत्म हो चुका है और अब वह भी उसी राह पर जा रहे हैं।”
बता दें कि बिहार की चार राज्यसभा सीट पर एनडीए की जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन पांचवीं सीट पर लड़ाई थी। इस पर एनडीए ने शिवेश कुमार और विपक्षी महागठबंधन ने अमरेंद्र धारी सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, महागठबंधन के चार विधायकों (कांग्रेस के तीन और आरजेडी का एक विधायक) ने वोटिंग से दूरी बना ली। जिसका सीधा फायदा एनडीए उम्मीदवार को मिला और उनका जीतना तय हो गया। इस हार के बाद बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के आरोप लगाए।
चुनाव के नतीजे आने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, “हम सभी जानते थे कि हमारे महागठबंधन के पास 35 सदस्यों की ताकत थी। शुरुआत में, हमारे पास 6 सदस्यों की कमी थी, और एनडीए के पास 3 सदस्यों की कमी थी। लेकिन फिर भी, हमने उनके सामने झुकने के बजाय चुनाव लड़ने का फैसला किया। हम हमेशा उनकी विचारधारा के खिलाफ लड़ेंगे। गैर-हाज़िर रहे चार सदस्यों को हम बाद में जवाब देंगे।”
तेजस्वी ने आगे कहा, “अगर कुछ लोगों ने हमारे साथ विश्वासघात न किया होता, तो आज हमारी जीत पक्की होती, क्योंकि हमने ज़रूरी 6 सदस्यों की संख्या पूरी कर ली थी। AIMIM के पाँच सदस्यों ने हमारा समर्थन किया, और BSP ने भी हमारा समर्थन किया… धोखा, फ़रेब, धन-बल और प्रशासन का दुरुपयोग करना BJP की आदत है। सिर्फ़ बिहार राज्य में ही नहीं। हमने सुना है कि आज जिन कई राज्यों में चुनाव हुए, वहाँ भी इसी तरह की बातें सामने आई हैं…”