International Yoga Day 2024: बुजुर्गों में बेहद आम समस्या है जोड़ो में दर्द की। जोड़ो में दर्द की वजह से लोगो का चलना फिरना उठना बैठने में दिक्कत हो जाती है। इससे छुटकारा पाने के लिए न जाने कितनी दवाइयां और तेल ट्राई कर लेते है लेकिन दर्द से छुटकारा नहीं मिलता है। आज हम आपको योगा के कुछ ऐसे आसन बताने जा रहे है जिससे घुटनों में दर्द, कंधे,पीठ में दर्द में राहत मिलेगी। शरीर और मन दोनो शांत होंगे।
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वीरभद्रासन
वीरभद्रासन यानी वॉरियर पोज घुटने को मजबूत बनाता है और कंधों के दर्द, फ्रोजेन शोल्डर जैसे समस्याओं में भी राहत पहुंचाता है। कंधों के स्ट्रेस को दूर करने और शरीर में संतुलन लाने में भी ये मददगार होता है।
धनुरासन
धनुरासन यानी बो पोज कंधों को खोलता है और ज्वाइंट पेन में राहत देता है। धनुरासन करने से शरीर की स्ट्रेचेबिलिटी भी बढ़ती है और शरीर को स्ट्रेस और थकान से छुटकारा पाने में आसानी होती है। धनुरासन आपको अधिक शक्तिशाली यौन अनुभव पाने में मदद कर सकता है।
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सेतु बंधासन
ब्रिज पोज़ घुटने के जोड़ों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मददगार होता और ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित लोगों के लिए भी ये बेहद फायदेमंद होता है। यह आपके दिमाग को भी शांत करता है और शरीर में चिंता और तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन यानी ट्रायंगल पोज से घुटनों, पैरों और टखनों को मजबूती मिलती है। यह हैमस्ट्रिंग, कमर और कूल्हों को स्ट्रेच करने में मदद करता है। साइटिका के रोगियों के लिए भी ये बेहतरीन पोज है, साथ ही पीठ दर्द में भी ये आराम पहुंचाता है।
उष्ट्रासन
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उष्ट्रासन यानी कि कैमल पोज आपके बैक बोन को अधिक फ्लेक्सिबल बनाता है और कंधे के दर्द में भी आराम पहुंचाता है। पीठ के निचले हिस्से के दर्द और पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और एंग्जाइटी में भी ये राहत देता है। साथ ही पीठ के निचले हिस्से के दर्द में राहत के लिए ये बेहतरीन पोज हैं।
डॉल्फिन प्लैंक पोज़ हैमस्ट्रिंग और कंधे को स्ट्रेच करता है। यह शरीर को थकान और पीठ दर्द से राहत देकर कलाई, हाथ और पैर को भी मजबूत करता है। ये पोज ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में भी काफी मदद कर सकता है।